
Sambhal Holi Celebration: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में इस बार होली का त्योहार एक खास महत्व रखता है, क्योंकि जिले में पहचाने गए 68प्राचीन तीर्थों पर पहली बार भव्य रूप से होली मनाई जा रही है। संभल को 'कल्कि नगरी' और 'तीर्थ राज संभल' के रूप में जाना जाता है, जहां पुराणों में वर्णित 68तीर्थ और 19कूप स्थित हैं। इन तीर्थों को जागृत करने और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के अभियान के तहत इस साल होली के अवसर पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं, जिसमें भजन-कीर्तन, फूलों की होली और लठमार होली जैसी परंपराएं शामिल हैं।
संभल में 68तीर्थों पर होली जुलूस
जिला प्रशासन के अनुसार, संभल में कुल 64होली जुलूस निकाले जाने हैं। इन तीर्थों पर होली का आयोजन पहली बार बड़े पैमाने पर हो रहा है, जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय में उत्साह है। श्री वंशीगोपाल तीर्थ, क्षेमनाथ तीर्थ और अन्य प्रमुख स्थलों पर महिलाओं और युवाओं द्वारा वृंदावन शैली में फूलों और रंग-गुलाल की होली खेली जा रही है। 24कोसीय मासिक परिक्रमा के दौरान भी होली के रंग बिखरे, जो संभल की धार्मिक महत्व को और उजागर करता है।
हालांकि, जिले की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरती है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163के तहत पूरे जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जो 1मार्च से 30अप्रैल 2026तक प्रभावी रहेगी। यह आदेश जामा मस्जिद विवाद, विरोध प्रदर्शनों, होली, रमजान और ईद जैसे त्योहारों के मद्देनजर लिया गया है। धारा 163के तहत बिना अनुमति जुलूस, सभा या 5से अधिक लोगों का जमावड़ा प्रतिबंधित है।
मस्जिदों को तिरपालों से ढका गया
प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं। होली जुलूस के मार्ग पर पड़ने वाली जामा मस्जिद समेत 10 मस्जिदों को विशाल तिरपालों से ढक दिया गया है, ताकि रंग-गुलाल की छींटें पड़ने से कोई विवाद न हो। कुछ स्थानों पर विशेष कोटिंग भी की गई है। पुलिस ने 325 से ज्यादा लोगों को एक-एक लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया है, जबकि कुल 1000 से ज्यादा लोगों पर पूर्व में हुए विवादों के आधार पर कार्रवाई की गई है। डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने फ्लैग मार्च किया और शांति समितियों के साथ बैठकें कीं।
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