
Lucknow Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में एक बेहद क्रूर और दिल दहला देने वाला हत्या का मामला सामने आया है। इस मामले को अब 'नीला ड्रम कांड' का नाम दिया गया है। 21वर्षीय युवक अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को टुकड़ों में काटा और सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने 23फरवरी 2026को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और नीले प्लास्टिक ड्रम से पिता की आधी लाश बरामद की।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 20फरवरी 2026की सुबह करीब 4:30बजे की बताई जा रही है। मानवेंद्र सिंह पैथोलॉजी लैब के मालिक थे। बेटा अक्षत बी.कॉम का छात्र था और पिता उसे NEET परीक्षा पास कर डॉक्टर बनाने का दबाव बना रहे थे। लेकिन अक्षत का सपना कुछ अलग करने का था। लेकिन पिता की लगातार टोक-टाक और दबाव से वह तंग आ चुका था। बताया जा रहा है कि 19-20फरवरी की रात भी इसी मुद्दे पर पिता-बेटे में तीखी बहस हुई। पुलिस पूछताछ में अक्षत ने बताया कि रात में पिता ने गुस्से में उस पर राइफल तान दी थी, लेकिन बाद में शांत हो गए। सुबह अक्षत ने उसी राइफल से पिता के सिर में गोली मार दी।
हत्या के बाद अक्षत शव को तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में लाया। यहां उसने आरी से शव को कई टुकड़ों में काटा। इस दौरान उसकी छोटी बहन ने सब देख लिया, लेकिन अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर किया। इसके बाद उसने पिता के शव के हाथ-पैर और अन्य हिस्सों को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। तो वहीं, धड़ को घर में रखे नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर छिपा दिया। अक्षत ने बाद में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट खुद दर्ज कराई और सुसाइड या अन्य कहानियां गढ़ीं, लेकिन उसकी बातों में विरोधाभास होने से पुलिस को शक हुआ।
पूछताछ में कबूल किया गुनाह
छानबीन करने के बाद और पूछताछ में अक्षत ने पूरा जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल राइफल, आरी, कार (जिसमें टुकड़े भरकर फेंके गए) और नीला ड्रम बरामद कर लिया है। फोरेंसिक टीम जांच में जुटी है। परिवार के पड़ोसियों ने अक्षत को जिद्दी और बिगड़ैल बताया है।
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