Kumari Selja on Ankita Bhandari case: उत्तराखंड से कांग्रेस सांसद और एआईसीसी प्रभारी कुमारी सैलजा ने अंकिता भंडारी मामले में नाम सामने आए नेता को राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि यह कदम लोकतंत्र और न्याय की घोर अवहेलना दर्शाता है। सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कुमारी सैलजा ने कहा 'कांग्रेस ही वह पहली पार्टी थी जिसने अंकिता भंडारी का मामला उठाया था और हमारे नेताओं ने इसे सामने लाया था। उनका परिवार तब से न्याय की गुहार लगा रहा है और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रही है।'
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा 'उत्तराखंड में अंकिता भंडारी का मामला सामने आया जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया और सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि ऐसा कैसे हो सकता है। फिर जो नाम सामने आए और जो अभी भी सामने आ रहे हैं - सीबीआई जांच भी चल रही है और कुछ बातें सार्वजनिक हुई हैं जिनमें कुछ नाम शामिल हैं। आज भाजपा सरकार ने उन्हीं नामों में से एक को चुनकर राज्यपाल बना दिया है।'
कुमारी सैलजा ने भाजपा पर लगाए कई आरोप
सार्वजनिक जांच का सामना कर रहे व्यक्तियों को संवैधानिक भूमिकाएं सौंपने के पीछे के इरादे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा 'तो आप देख सकते हैं कि लोग अब लोकतंत्र या न्याय में विश्वास नहीं करते, और निश्चित रूप से इस सरकार पर उनका कोई भरोसा नहीं है, और होना भी नहीं चाहिए। आपको ऐसा करने की क्या जरूरत महसूस हुई कि जिन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, उन्हें चुनकर राज्यपाल बनाया जाए?'
सरकार पर उच्च पदस्थ नियुक्तियों के माध्यम से व्यक्तियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने आगे कहा 'शायद इसीलिए आप उन्हें छूट और कानूनी संरक्षण देना चाहते हैं, ताकि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न हो सके। और अगर आप उन्हें राज्यपाल बनाकर ऐसा कर रहे हैं, तो यह जनता को और भी कड़ा संदेश देता है। इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि वे निश्चित रूप से इसमें शामिल हैं। आपने केवल उन्हें बचाने की कोशिश की और इसी वजह से उन्हें राज्यपाल बनाया। लेकिन कांग्रेस पार्टी शुरू से ही उनके साथ खड़ी रही है - उनके परिवार के साथ - और न्याय की मांग कर रही उनकी बेटी के साथ।'
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अंकिता भंडारी के माता-पिता की मांग
बता दें, बीते दिन 15 अक्टूबर 2026 गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट पर धरने के दौरान अंकिता भंडारी के माता-पिता और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में, अंकिता भंडारी के परिवार ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर चिंता जताते हुए न्याय की नई अपील की। अंकिता के पिता ने हालिया राजनीतिक नियुक्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया।
उन्होंने कहा 'हमारी मुख्य समस्या यह है कि दुष्यंत कुमार गौतम का नाम सामने आया है और सरकार ने उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त कर दिया है।' उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा 'अगर 24 घंटे के भीतर हमारी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया, तो उत्तराखंड के लोग सड़कों पर उतर आएंगे।' इसके अलावा परिवार ने 18-19 सितंबर, 2022 की अवधि के दौरान अजय कुमार और दुष्यंत कुमार दोनों के लोकेशन विवरण और कॉल रिकॉर्ड को तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की।
दूसरी तरफ, देश भर के नागरिकों से निरंतर समर्थन की अपील करते हुए, अंकिता की मां ने अपने संघर्ष के व्यापक प्रभावों पर जोर दिया। उन्होंने कहा 'मैं सिर्फ अपनी बेटी के लिए न्याय चाहती हूं, और जिस व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किया गया है, उसकी नियुक्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए। जिस तरह आपने पहले मेरा और मेरी बेटी अंकिता का साथ दिया था, मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप मेरा साथ देते रहें। यह लड़ाई सिर्फ मेरी बेटी के लिए नहीं है; यह हर किसी की बेटियों के लिए है।'