Uttar Pradesh News:उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले तीन विधायक अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए हैं। तीनों नेताओं की सदस्यता का कार्यक्रम अमेठी के गौरीगंज में आयोजित किया गया। इस मौके पर बीजेपी की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के कई नेताओं की मौजूदगी रही। तीन विधायकों के पाला बदलने से प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है।
तीनों नेताओं के समाजवादी पार्टी से मतभेद पहले ही सामने आ चुके थे। फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान इन विधायकों ने बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद से ही इनकी सपा नेतृत्व से दूरी बढ़ती गई। राकेश प्रताप सिंह को जून 2025 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, जबकि अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भी सपा से अलग राजनीतिक राह पर चल रहे थे। अब बीजेपी में शामिल होने के साथ ही तीनों नेताओं ने अपने राजनीतिक सफर में नया अध्याय शुरू किया है।
कौन हैं अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और विनोद चतुर्वेदी?
राकेश प्रताप सिंह अमेठी की गौरीगंज विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए हैं। अभय सिंह अयोध्या जिले की गोसाईंगंज सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि विनोद चतुर्वेदी जालौन जिले की कालपी सीट से विधायक हैं। तीनों नेताओं की अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक पहचान है। राकेश प्रताप सिंह ने सपा से दूरी के पीछे वैचारिक मतभेदों का हवाला दिया था और रामचरितमानस, सनातन धर्म तथा हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर पार्टी नेतृत्व की आलोचना की थी।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति पर नजर
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तीन नेताओं का बीजेपी में शामिल होना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इन नेताओं के आने से संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव आगामी चुनावों में ही स्पष्ट होगा। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम अपने पुराने नेताओं और विधायकों के साथ संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े करता है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बीजेपी इन नेताओं को संगठन और चुनावी राजनीति में क्या भूमिका देती है और उनके आने से क्षेत्रीय स्तर पर कितना बदलाव आता है।
Also read: 'राहुल गांधी की राजनीति हवा-हवाई...', विपक्ष पर जमकर बरसे अनुराग ठाकुर; सुप्रीम कोर्ट मार्च को बताया नाटक