
Earthquake in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में 06 फरवरी शुक्रवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई, जो सामान्य रूप से कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन लोगों में थोड़ी दहशत जरूर फैल गई।
गोंडा था भूकंप का केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि इस भूकंप का केंद्र गोंडा जिले में स्थित था, जहां से लखनऊ की दूरी लगभग 100-120 किलोमीटर है। रिपोर्ट में बताया गया कि भूकंप सुबह 7:32 बजे आया, जिसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी। केंद्र बिंदु के निर्देशांक 27.36 डिग्री उत्तर अक्षांश और 82.05 डिग्री पूर्व देशांतर पर दर्ज किए गए। इस वजह से लखनऊ के अलावा गोंडा, बलरामपुर और आसपास के जिलों में भी कंपन महसूस हुआ।
लोगों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक चले, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान या इमारतों को क्षति पहुंचने की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।
क्यों आता है भूकंप?
दरअसल, धरती की सतह के नीचे की वो जगह, जहां पर चट्टानें आपस में टकराती हैं या टूटती हैं उस जगह को भूकंप का केंद्र या फोकस कहते हैं। इसे हाइपोसेंटर भी कहते हैं। इसी केंद्र से ही ऊर्जा तरंगों के रूप में बतौर कंपन फैलती है और भूकंप आता है। वैज्ञानिक भाषा में कहा जाए तो धरती के केंद्र और भूकंप के केंद्र को आपस में जोड़ने वाली रेखा जिस जगह पर धरती की सतह को काटती है, उस जगह को ही भूकंप का अभिकेंद्र या एपिक सेंटर कहा जाता है।
इस देश में आते हैं सबसे ज्यादा भूकंप
विज्ञान के नियमों के हिसाब से धरती की सतह का ये जगह भूकंप के केंद्र से सबसे पास होता है। दुनिया में सबसे ज्यादा भूकंप इंडोनेशिया में आते हैं। ये देश रिंग ऑफ फायर में स्थित है, इसी के वजह से यहां ज्यादा भूकंप आते हैं। इसके अलावा जावा और सुमात्रा भी इसी क्षेत्र के अंदर आते हैं। प्रशांत महासागर के पास स्थित यह क्षेत्र दुनिया का सबसे खतरनाक भू-भाग कहा जाता है।
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