'वोट चोरी'' विवाद में यू-टर्न...महाराष्ट्र चुनाव डेटा पर संजय कुमार की माफी, बीजेपी ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथ

'वोट चोरी'' विवाद में यू-टर्न...महाराष्ट्र चुनाव डेटा पर संजय कुमार की माफी, बीजेपी ने कांग्रेस को लिया आड़े हाथ

Maharashtra Vidhansabha Election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024को लेकर 'वोट चोरी' का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस विवाद के केंद्र में लोकनीति CSDS के सह-निदेशक और चुनाव विश्लेषक संजय कुमार हैं। जिन्होंने हाल ही में महाराष्ट्र के चुनावी आंकड़ों को लेकर गलत जानकारी साझा करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस और संजय कुमार पर तीखा हमला बोला है, जिससे यह मामला और गर्मा गया है।

संजय कुमार का दावा

दरअसल, 17अगस्त को संजय कुमार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दावा किया था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024में कुछ सीटों, जैसे रामटेक और देवलाली, पर मतदाताओं की संख्या में असामान्य कमी देखी गई। उनके अनुसार, रामटेक में 38.45%और देवलाली में 36.82%मतदाता कम हो गए थे। लेकिन जब 2024के लोकसभा चुनाव की तुलना विधानसभा चुनाव से की गई। इस दावे को कांग्रेस ने 'वोट चोरी' के अपने आरोपों के समर्थन में इस्तेमाल किया। जिसमें उसने चुनाव आयोग और बीजेपी पर मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया था।

संजय कुमार ने मांगी माफी 

हालांकि, 19अगस्त को संजय कुमार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए X पर एक पोस्ट में माफी मांगी। उन्होंने लिखा 'मैं महाराष्ट्र चुनावों से संबंधित पोस्ट के लिए ईमानदारी से माफी मांगता हूं। 2024के लोकसभा और विधानसभा डेटा की तुलना में त्रुटि हुई। हमारी डेटा टीम ने डेटा को गलत पढ़ा। ट्वीट को हटा दिया गया है। मेरा किसी भी तरह की गलत सूचना फैलाने का इरादा नहीं था।" इस माफी ने विपक्ष के 'वोट चोरी' के नैरेटिव को कमजोर कर दिया।

BJP का तीखा पलटवार

वहीं, संजय कुमार की माफी के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर जमर निशाना साधा। बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने X पर लिखा 'महाराष्ट्र पर कांग्रेस के झूठे बयान को बढ़ावा देने के अतिउत्साह में, CSDS ने बिना कंफर्म किए आंकड़े जारी कर दिए। यह विश्लेषण नहीं, पुष्टिकरण पूर्वाग्रह है।' उन्होंने संजय कुमार और उनके सहयोगी योगेंद्र यादव पर भी निशाना साधा, उनके विश्लेषणों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए। मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस संस्थान के डेटा पर भरोसा किया, उसने अब अपनी गलती स्वीकार कर ली है, जिससे कांग्रेस का नैरेटिव ध्वस्त हो गया।

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