सुप्रीम कोर्ट में दो जजों नियुक्तियां, केंद्र ने दी कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी; एक नाम पर रहा विरोध

सुप्रीम कोर्ट में दो जजों नियुक्तियां, केंद्र ने दी कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी; एक नाम पर रहा विरोध

Supreme Court Collegium: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की दो जजों की नियुक्ति की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। यह फैसला न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच जजों की नियुक्ति को लेकर चल रही लंबी चर्चा और तनाव के बीच लिया गया है। हालांकि, इस प्रक्रिया में जज बीवी नागरत्ना  ने कड़ा विरोध जताया था, जिसने इस मुद्दे को और ज्यादा गरमा दिया है। 

एक नाम पर जताया गया विरोध

बता दें, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल ही में दो जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी, जिन्हें केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 हो जाएगी। इनमें से एक नाम जस्टिस विपुल एम पंचोली का है, जो अक्टूबर 2031 से 2 साल की अवधि के लिए देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने की कतार में भी हैं। वे 3 अक्टूबर 2031 को CJI बनेंगे और 27 मई 2033 तक अपने पद पर बने रहेंगे।

वहीं, दूसरी तरफ जस्टिस बीवी नागरत्ना ने हाल ही में जस्टिस विपुल एम पंचोली के नाम पर असहमति जताई थी। लेकिन बाद में जस्टिस एनवी अंजारिया को जस्टिस पंचोली से पहले सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में नियुक्त किया गया था। लेकिन 3 महीने बाद जब फिर से जस्टिस पंचोली का नाम सामने आया तो जस्टिस नागरत्ना ने एक बार फिर विरोध किया। लेकिन उस समय भी बात नहीं बन पाई।

इसके बाद 25 अगस्त को CJI बीआर गवई की अध्यक्षता में हुई कॉलेजियम की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस पंचोली के नाम केंद्र को भेजे गए थे।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम औऱ नियुक्ति प्रक्रिया

मालूम हो कि भारत में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम के तहत होती है। जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल होते हैं। यह प्रणाली 1993 में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद अस्तित्व में आई थी। कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित नामों को केंद्र सरकार के पास भेजा जाता है, जो इन्हें अधिसूचित करती है। हालांकि, कई बार सरकार और कॉलेजियम के बीच सिफारिशों को लेकर मतभेद सामने आते हैं, जिस वजह से नियुक्तियों में देरी होती रही है।

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