
Demand For Dismissal Of Peter Navro: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो के खिलाफ हिंदूपैक्ट की इकाई अमेरिकन हिंदूज अगेंस्ट डिफेमेशन (एएचएडी) ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की है। नवारो ने रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि "ब्राह्मण भारतीय जनता की कीमत पर मुनाफा कमा रहे हैं।" इस टिप्पणी को एएचएडी ने "हिंदूफोबिक" और सांस्कृतिक रूप से अपमानजनक करार दिया है। संगठन का कहना है कि यह बयान न केवल हिंदू समाज को बांटने की कोशिश है, बल्कि भारत और अमेरिका जैसे दो बड़े लोकतंत्रों के रिश्तों को भी कमजोर करता है।
नवारो की टिप्पणी और आलोचना
नवारो ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस और चीन के साथ बढ़ती नजदीकियों पर सवाल उठाते हुए ब्राह्मणों को मुनाफाखोर बताया। उन्होंने कहा कि भारत का रूसी तेल आयात यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। एएचएडी ने नवारो द्वारा पीएम मोदी की भगवा वस्त्रों में ध्यान करते हुए तस्वीर साझा करने की भी निंदा की, इसे हिंदू आध्यात्मिकता का अपमान बताया। हिंदूपैक्ट के अध्यक्ष अजय शाह ने इसे औपनिवेशिक मानसिकता का प्रचार करार देते हुए कहा कि नवारो जैसे लोग अमेरिकी राजनीति में हिंदूफोबिया को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके लिए उनकी कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
भारत-अमेरिका संबंधों पर खतरा
एएचएडी, जो 1997 में विश्व हिन्दू परिषद अमेरिका की पहल के रूप में स्थापित हुआ, हिंदू धर्म और संस्कृति के खिलाफ पूर्वाग्रहों का मुकाबला करने वाला संगठन है। संगठन ने चेतावनी दी कि नवारो की बयानबाजी भारत-अमेरिका संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव पहले से ही बढ़ रहा है। ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने, जिसमें 25% रूसी तेल खरीद के लिए है, को भारत ने अनुचित बताया है। हिंदूपैक्ट की अध्यक्ष दीप्ति महाजन ने कहा कि नवारो का बयान या तो धार्मिक शत्रुता है या कूटनीतिक लापरवाही, दोनों ही गंभीर उल्लंघन हैं।
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