
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक हुमायूं कबीर ने स्थानीय मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों को घेराव की धमकी देकर विवाद खड़ा कर दिया है। कबीर ने बरहामपुर में आयोजित एक बैठक में कहा कि जूनियर डॉक्टर एयर कंडीशन्ड कमरों में प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि आम जनता सड़कों पर परेशान है। उनका यह बयान तब आया जब जूनियर डॉक्टरों ने 30 सितंबर को काम बंद करने का ऐलान किया।
हुमायूं कबीर ने कहा, "मुझे पता चला है कि मेरी पूर्व टिप्पणियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन मैं डरता नहीं हूं। अगर मुझे जेल भेजा गया, तो मैं बाहर आते ही 10,000 लोगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों का घेराव करूंगा।" उन्होंने यह भी कहा, "क्या ये लोग डॉक्टर कहलाने के लायक हैं? मुझे इन्हें ड्यूटी पर वापस भेजने में दो मिनट भी नहीं लगेंगे।"
भाजपा की प्रतिक्रिया - गैरजिम्मेदाराना बयानों से स्थिति बिगड़ रही
टीएमसी विधायक की इस टिप्पणी पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं के गैरजिम्मेदाराना बयानों से स्थिति बिगड़ रही है। घोष ने बताया, "अब स्थिति ऐसी हो गई है कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही है। मरीजों की मौत के लिए उनके परिजन स्वास्थ्य सुविधाओं को दोष दे रहे हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।"
परिजनों का आरोप -समय पर इलाज न मिलने से हुई मृत्यु
इस विवाद का आधार एक दुखद घटना है, जब 27 सितंबर को एक महिला सांस की तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती हुई। जब तक उसे ऑक्सीजन देने की कोशिश की गई, उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। महिला के परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मृत्यु हुई। इस घटना के बाद, पुलिस की मौजूदगी में महिला के परिवार के सदस्यों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर हमला किया, जिसमें कई स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए।
एक जूनियर डॉक्टर ने जानकारी दी कि इस हिंसक घटना में तीन जूनियर डॉक्टर, तीन नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।
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