
Karnataka News: कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इसी बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने साफ तौर पर कहा है कि मुख्यमंत्री के पद में किसी भी बदलाव का फैसला पार्टी हाईकमान के हाथों में है।
क्या है पूरा मामला?
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं उस समय तेज हुईं जब सहकारिता मंत्री के.एन. राजन्ना ने 28जून को संकेत दिया कि सितंबर के बाद राज्य में 'क्रांतिकारी राजनीतिक बदलाव' हो सकते हैं। इसके बाद सुरजेवाला का बेंगलुरु दौरा और विधायकों के साथ उनकी प्रस्तावित बैठक ने इन अटकलों को और हवा दी। सूत्रों के अनुसार, सुरजेवाला का यह दौरा पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि और कथित गुटबाजी को संबोधित करने के लिए है।
कर्नाटक में सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच 2023के विधानसभा चुनाव के बाद से ही नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं। उस समय कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाकर विवाद को शांत किया था। हाल ही में शिवकुमार के करीबी विधायक एच.ए. इकबाल हुसैन ने दावा किया कि अगले दो-तीन महीनों में शिवकुमार मुख्यमंत्री बन सकते हैं, जिसने सियासी माहौल को और गरमा दिया।
CM सिद्धारमैया ने क्या कहा?
इन अटकलों के बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 30 जून को मैसूर में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में डी.के. शिवकुमार के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा 'हम दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं। हमारी सरकार चट्टान की तरह पांच साल तक चलेगी।' सिद्धारमैया ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरजेवाला का दौरा पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए है, न कि किसी नेतृत्व परिवर्तन के लिए।
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