
Gujarat Barrier Free Toll: भारत में सड़क यात्रा को और ज्यादा सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश का पहला मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम शुरू करने की घोषणा की है, जिसका शुभारंभ गुजरात के चोरयासी टोल प्लाजा (NH-48) से होगा। यह पहल न केवल टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करेगी, बल्कि यात्रा को तेज, पारदर्शी और पर्यावरण के लिए अनुकूल बनाएगी।
गुजरात में पहला कदम
गुजरात का चोरयासी टोल प्लाजा (NH-48) देश का पहला बैरियर-मुक्त टोल प्लाजा बनने जा रहा है। NHAI ने इसके लिए ICICI बैंक के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत यह सिस्टम लागू किया जाएगा। इस पहल को बाद में हरियाणा के घरौंडा टोल प्लाजा (NH-44) पर भी लागू किया जाएगा। NHAI का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश के 25 प्रमुख टोल प्लाजा पर MLFF सिस्टम को लागू करना है।
MLFF सिस्टम क्या है?
बता दें, मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम एक अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित टोल वसूली प्रणाली है, जिसमें वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होती। इस सिस्टम में पारंपरिक बैरियर और टोल बूथ की जगह हाई-टेक उपकरण जैसे RFID रीडर और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे उपयोग किए जाते हैं। ये उपकरण वाहनों के FASTag और रजिस्ट्रेशन नंबर को स्कैन करके टोल शुल्क को स्वचालित रूप से काट लेते हैं। इससे वाहन बिना रुके टोल प्लाजा को पार कर सकते हैं, जिससे समय, ईंधन और ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी।
MLFF सिस्टम के फायदे
1. ट्रैफिक जाम में कमी: वाहनों को रुकने की आवश्यकता नहीं होने से टोल प्लाजा पर जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
2. समय की बचत: यात्रियों का समय बचेगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुगम होगी।
3. ईंधन और पर्यावरण संरक्षण: रुकने और बार-बार गति बढ़ाने की जरूरत न होने से ईंधन की खपत कम होगी, जिससे प्रदूषण में भी कमी आएगी।
4. पारदर्शिता: स्वचालित टोल वसूली से धोखाधड़ी और अनियमितताओं की संभावना कम होगी।
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