
Justice BR Gavai: सुप्रीम कोर्ट के CJI संजीव खन्ना ने देश के अगले मुख्य न्यायाधीश पद के लिए जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई के नाम की आधिकारिक सिफारिश की है। CJI खन्ना ने ये सिफारिश कानून मंत्रालय को भेजी है। बता दें, CJI खन्ना का कार्यकाल 13मई को खत्म हो रहा है। ऐसे में अगर जस्टिस बीआर गवई के नाम को मंजूर कर लिया जाता है तो वह 14मई से अपना पद संभालेंगे।
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा CJI ही अपने अगले उत्तराधिकारी का नाम सरकार को भेजते हैं। सुप्रीम कोर्ट की परंपरा के अनुसार, कानून मंत्रालय द्वारा मौजूदा CJI से देश के अगले मुख्य न्यायाधीश के नाम के बारे में पूछा जाता है। इस बार भी इस परंपरा के अनुसार, जब CJI संजीव खन्ना से पूछा गया, तो उन्हें जस्टिस बीआर गवई के नाम की सिफारिश की
CJI संजीव खन्ना का कार्यकाल होने वाला है खत्म
बता दें, 13मई को CJI संजीव खन्ना का कार्यकाल खत्म होने वाला है। उससे पहले देश के अगले मुख्य न्यायाधीश का नाम तय हो जाएगा। बता दें, CJI संजीव खन्ना ने अपने अगले उत्तराधिकारी के लिए जस्टिस बीआर गवई का नाम आगे भेजा है। अब अगर मौजूदा CJI की सिफारिश को मंजूरी मिल जाती है तो देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस भूषण आर गवई बनेंगे।
जिसके बाद जस्टिस बीआर गवई 14मई को देश के अगले मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ ले सकते हैं। लेकिन उनका कार्यकाल सिर्फ छह महीने का होगा क्योंकि जस्टिस बीआर गवई इसी साल नवंबर में रिटायर होने वाले हैं।
जस्टिस गवई का कार्यकाल
बता दें, जस्टिस बीआर गवई का 24नवंबर 1960को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। उनके पिता दिवंगत आर.एस. गवई थे। जस्टिस गवई के पिता बिहार और केरल के राज्यपाल भी रह चुके हैं। साल 1985में जस्टिस गवई ने अपने कानूनी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने साल 1987में बॉम्बे हाईकोर्ट में स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू की। उन्होंने अपने करियर में पूर्व एडवोकेट जनरल और हाईकोर्ट जज स्वर्गीय राजा एस भोंसले के साथ भी काम किया हैं।
इसके बाद जस्टिस गवई ने साल 2003में बॉम्बे हाईकोर्ट में एडिशनल जज के रूप में काम किया। जिसके बाद वह नवंबर 2005को स्थायी जज बने। इसके बाद उन्हें 24मई 2019को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। खास बात यह है कि जस्टिस गवई सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाले दूसरे अनुसूचित जाति (SC) जज हैं। उनसे पहले साल 2010में जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन थे।
SC के जज के रूप में लिए कई ऐतिहासिक फैसले
बता दें, बतौर सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में जस्टिस गवई ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने साल 2016 में नोटबंदी मामले को सही ठहराया था। उन्होंने कहा था 'केंद्र सरकार के पास मुद्रा अमान्य घोषित करने का अधिकार है।' इसके अलावा उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड केसमें अहम फैसला सुनाया था।
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