हिंदू ट्रस्ट में मुस्लिमों तो मिलेगी एंट्री? SC ने सरकार से मांगा 'वक्फ बाय यूजर' पर जवाब

हिंदू ट्रस्ट में मुस्लिमों तो मिलेगी एंट्री? SC ने सरकार से मांगा 'वक्फ बाय यूजर' पर जवाब

Waqf Amendment Act: सुप्रीम कोर्ट में आज वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इन याचिकाओं की सुनवाई CJI संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने की। उन्होंने  केंद्र सरकार से वक्फ बाय यूजर संपत्तियों के प्रावधानों को लेकर कई सवाल पूछे हैं।

इसके अलावा अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि अगर 14वीं से 16वीं शताब्दी के बीच बनी मस्जिदों के कागजात नहीं हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन कैसे होगा? कोर्ट ने इस मुद्दे पर भी जवाब मांगा है।

SC ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

बता दें, आज वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से वक्फ बाय यूजर की संपत्ति को लेकर सवाल पूछा है। अदालत ने केंद्र सरकार से वक्फ बाय यूजर प्रावधानों को हटाए जाने पर जवाब मांगा है। इस मुद्दे पर अदालत ने कहा 'वक्फ बाय यूजर' घोषित होगा या नहीं। अगर घोषित होता है तो वक्फ बाय यूजर संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन कैसे होगा।'

बता दें, जो संपत्ति लंबे समय से धार्मिक उद्देश्यों के लिए उपयोग में लाई जा रही हो, उस संपत्ति को वक्फ माना जाता है। फिर चाहे उसके पास संपत्ति से जुड़़े कोई आधिकारिक दस्तावेज हो या ना हो। उसे वक्फ बाय यूजर कहा जाता है।

गैर-मुस्लिमों को शामिल करना वाला प्रावधान 

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के प्रावधान पर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने सरकार से पूछा 'क्या वह हिंदू ट्रस्टों में मुसलमानों को शामिल करने की अनुमति देगा?' कोर्ट का कहना है कि वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल नहीं किया जाएगा तो क्या केंद्र हिंदू ट्रस्टों में मुसलमानों को शामिल करेगा?

बता दें, वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती देने के लिए 73 याचिका दायर की हैं। वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी, जमीयत उलमा-ए-हिंद समेत नेताओं ने याचिका दायर की हैं। इस मामले की सुनवाई कल गुरुवार दोपहर 2 बजे होगी।  

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