
Operation Sindoor Heroes: 07मई 2025को शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर भारत के सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो चुका है। यह ऑपरेशन 22अप्रैल 2025को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना (IAF), थल सेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित किया। इस अभियान में असाधारण साहस और समर्पण दिखाने वाले 36वायु सैनिकों को 15अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
इसके साथ ही 9जवानों को वीर चक्र पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इसमें 4ग्रुप कैप्टन, एक विंग कमांडर, तीन स्क्वाड्रन लीडर और एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट शामिल हैं। जबकि 26वायुसैनिकों को वायुसेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया जाएगा। जो उनकी वीरता और देशभक्ति का प्रतीक है।
36वायु सैनिकों को वीरता पुरस्कार
बता दें,ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना की भूमिका अहम रही। इस अभियान में शामिल 36वायु सैनिकों को उनकी अदम्य साहस और तकनीकी दक्षता के लिए वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वीरता पुरस्कार जैसे - वीर चक्र, शौर्य चक्र और परम विशिष्ट सेवा मेडल, उन सैनिकों के लिए हैं, जिन्होंने दुश्मन के इलाके में सटीक हमले करने, हवाई रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने और जटिल परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।
शौर्य चक्र
विंग कमांडर अभिमन्यु सिंह
वीर चक्र
ग्रुप कैप्टन: आर. एस. सिद्धू, मनीष अरोड़ा, अनिमेष पाटनी, कुणाल कालरा
विंग कमांडर: जॉय चंद्रा
स्क्वाड्रन लीडर: सार्थक कुमार, सिद्धांत सिंह, रिज़वान मलिक
फ्लाइट लेफ्टिनेंट: ए. एस. ठाकुर
BSF के 16जवान भी होंगे सम्मानित
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 16 जवानों को भी वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। बता दें, केंद्र सरकार ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इन पुरस्कारों की घोषणा की। वहीं, BSF ने बताया कि कुछ जवानों ने दुश्मन के निगरानी कैमरे नष्ट किए, तो कुछ ने पाकिस्तानी ड्रोन हमलों को नाकाम किया. यह पदक भारत की पहली रक्षा पंक्ति के रूप में बीएसएफ पर देश के विश्वास का प्रतीक हैं।
Leave a comment