जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर! दो दिनों में 42 मौतें, वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से 34 श्रद्धालुओं की जान गई

जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर! दो दिनों में 42 मौतें, वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से 34 श्रद्धालुओं की जान गई

Jammu-Kashmir landslide:  जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश ने भयावह तबाही मचाई है। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास भूस्खलन में 34 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 23 लोग घायल हो गए। भारी मलबे और पत्थरों ने 200 फीट ट्रैक को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके चलते यात्रा अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई। बुधवार दोपहर तक बचाव कार्य पूरा हो चुका है, और घायलों का कटड़ा के नारायणा अस्पताल में इलाज चल रहा है। करीब 20,000 यात्री कटड़ा और जम्मू में ठहरे हैं, जिनमें से 4,000 यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। सेना और सीआरपीएफ के जवान राहत कार्य में जुटे हैं।

प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। जम्मू में 3,500से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, और पूरे जिले में रिलीफ कैंप बनाए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा हाईवे सहित कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात ठप है। 22ट्रेनें रद्द और 27को बीच में रोका गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार तक भारी बारिश और बादल फटने का अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद हैं।

115 साल का रिकॉर्ड टूटा, नदियां उफान पर

पिछले 24 घंटों में उधमपुर में 629.4 मिमी और जम्मू में 296 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 115 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। झेलम, चिनाब, और तवी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे श्रीनगर के राजबाग और अनंतनाग के अच्छाबल में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया। किश्तवाड़ के वाढवन में बादल फटने से 10 मकान बह गए। अखनूर में चिनाब नदी के पास फंसे सात बीएसएफ जवानों को ग्रामीणों ने बचाया, लेकिन एक जवान का शव बरामद हुआ। दक्षिण कश्मीर में लिद्दर नदी में फंसे 22 लोगों को एसडीआरएफ ने निकाला। पिछले दो दिनों में बारिश, बाढ़, और भूस्खलन से कुल  42लोगों की जान गई है।

बचाव कार्य तेज, स्कूल बंद

सेना, एनडीआरएफ, और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। जम्मू में 3,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, और रिलीफ कैंप बनाए गए हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे सहित कई सड़कें और पुल धंसने से यातायात ठप है। भारी बारिश के चलते सभी स्कूल अगले आदेश तक बंद हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी भारी बारिश और बादल फटने का अलर्ट जारी किया है, जिसके कारण प्रशासन ने लोगों से जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

मुआवजा और जांच के आदेश

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वैष्णो देवी मार्ग पर मृतकों के परिजनों को 9 लाख रुपये और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 6 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1 लाख, और मामूली घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की है। अब्दुल्ला ने आपदा चेतावनी के बावजूद यात्रियों को न रोकने की जांच के आदेश दिए हैं। राहत कार्य जारी हैं, लेकिन भारी बारिश का अलर्ट चिंता बढ़ा रहा है।

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