Mahabir Singh Sindhu Passes Away: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सिटिंग न्यायाधीश न्यायमूर्ति महाबीर सिंह सिंधु का रविवार तड़के निधन हो गया। उनकी उम्र 59 वर्ष की थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे, जिस वजह से उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन 28 जून रविवार तड़के करीब 2 बजकर 50 मिनट पर उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आज सोमवार 29 जून को पूरे राज्य में सभी कोर्ट बंद रखने का आदेश दिया है।
पैतृक गांव मसूदपुर में हुआ अंतिम संस्कार
बता दें, न्यायमूर्ति महाबीर सिंह सिंधु का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मसूदपुर में हुआ। उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ आंखों से अंतिम विदाई दी। उनके पुत्र समृद्ध सिंह सिंधु ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की। इस दौरान प्रशासन, राजनीतिक क्षेत्र और ग्रामीणों की भीड़ भी मौजूद रही।

कौन थे न्यायमूर्ति महाबीर सिंह सिंधु?
महाबीर सिंह सिंधु, जो वर्तमान समय में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सिटिंग जस्टिस थे, उनका जन्म 04 अप्रैल 1967 को हरियाणा के हांसी जिले के मसूदपुर गांव में हुआ था। वे परिवार में पहली पीढ़ी के वकील थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मसूदपुर गांव के सरकारी स्कूल से ही पूरी की थी।
बचपन से उनका वकील बनने का सपना था। जिसे पूरा करने के लिए वह साल 1992 में चंडीगढ़ चले गए, जहां उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से LL.B. की डिग्री प्राप्त की। कमाल की बात यह रही कि उन्होंने उसी साल पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल में बतौर वकील अपना नाम रजिस्टर करवाया।
Also read: Haryana Weather : हरियाणा में होगी भीषण बारिश, जाने मौसम विभाग का ताजा अपडेट
जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का करियर
इसके बाद उन्होंने मुख्य रूप से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सिविल, क्रिमिनल, संवैधानिक और सेवा संबंधी मामलों की प्रैक्टिस की। इस दौरान जस्टिस सिंधु भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, इंटरनेशनल लॉ एसोसिएशन और सेंट जॉन एंबुलेंस जैसी कई संस्थाओं से जुड़े रहे। जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु को 10 जुलाई 2017 को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 03 दिसंबर 2018 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। उन्हें निष्पक्ष फैसलों, कानूनी विशेषज्ञता के नाम से जाना जाता है।