
Jagannath Rath Yatra 2025: ओडिशा के पुरी में 27जून को शुरू हुई विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा में श्रद्धालुओं का जमावड़ा देखने को मिला। उस दौरान भारी भीड़ के कारण अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस रथ यात्रा में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के रथों को पुरी के जगन्नाथ मंदिर से लगभग 2.6किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर तक खींचते हैं। लेकिन इस बार, भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ के एक मोड़ पर अटक जाने से यात्रा में देरी हुई, जिसके कारण भीड़ अनियंत्रित हो गई और 600से अधिक श्रद्धालुओं को चोटें आईं।
कहां-कैसी घटी ये घटना?
दरअसल, 27जून को सुबह मंगला आरती और पूजा-अर्चना के बाद भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को उनके रथों तालध्वज, दर्पदलन और नंदीघोष पर विराजमान किया गया। भोई राजवंश के मुखिया द्वारा परंपरागत रूप से रथ यात्रा मार्ग को सोने की झाड़ू से साफ करने के बाद श्रद्धालुओं ने रथ खींचना शुरू किया। लेकिन बालागंडी क्षेत्र के पास एक मोड़ पर भगवान बलभद्र का रथ अटक गया, जिसके कारण जुलूस की गति धीमी हो गई। इस रुकावट के चलते हजारों श्रद्धालु एकत्र हो गए, जिस वजह से भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।
गर्मी, उमस और धक्का-मुक्की के कारण कई श्रद्धालु बेहोश हो गए या उन्हें चोटें आईं। सूत्रों की मानें तो लगभग 625लोगों को चोट, उल्टी, चक्कर आने या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के मामले सामने आए। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पुरी मेडिकल कॉलेज और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।
रथ यात्रा को रोका गया
रथ के अटकने और भीड़ के कारण उत्पन्न अव्यवस्था के चलते यात्रा को सूर्यास्त के बाद रोक दिया गया। क्योंकि परंपरा के अनुसार रथ सूर्यास्त के बाद नहीं खींचे जाते। ऐसे में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने कहा कि रथ यात्रा 28जून को सुबह 9:30बजे दोबारा शुरू होगी, ताकि भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के रथ गुंडिचा मंदिर तक पहुंच सकें।
बता दें, पुरी प्रशासन ने इस आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। जिसमें 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की आठ कंपनियां तैनात की गई थीं। इसके अलावा इस आयोजन में पहली बार NSG कमांडो और AI आधारित कैमरों का उपयोग किया गया।
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