
Monsoon Session 2025: भारत सरकार ने संसद के मानसून सत्र 2025को निर्धारित समय से पहले, यानी 12अगस्त 2025को ही समाप्त करने पर विचार शुरू कर दिया है। दरअसल, 21जुलाई से शुरू हुआ मानसून सत्र 21अगस्त 2025तक चलने वाला था। जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस (13से 17अगस्त) के कारण सत्र में होने वाले अवकाश और विधायी कार्यों की प्रगति को देखते हुए सरकार इस सत्र को जल्दी समाप्त करने पर विचार कर रही है।
सत्र को जल्दी समाप्त करने का कारण
बता दें, सरकार का मानना है कि सत्र के अधिकांश अहम विधायी कार्य पूरे हो चुके हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के अवकाश के कारण 13से 17अगस्त तक संसद की कार्यवाही वैसे भी स्थगित रहने वाली थी। इसके अलावा सरकार का कहना है कि शेष विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा को शीतकालीन सत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा करती है।
लोकसभा और राज्यसभा में 9विधेयक हुए पारित
गौरतलब है कि 21जुलाई से शुरु हुए मानसून सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार ने इस सत्र में नौ नए विधेयकों को पेश करने की योजना बनाई थी। जिनमें से लोकसभा में 4और राज्यसभा में 5विधेयक पारित हो गए।
1. लोकसभा में इनकम टैक्स बिल, टैक्सेशन लॉ (अमेंडमेंट) बिल, नेशनल स्पोर्ट्स बिल और नेशनल एंटी डोपिंग बिल पारित हुए। राज्यसभा में मणिपुर बजट 2025-26, मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (अमेंडमेंट) बिल 2025, मणिपुर विनियोग (नंबर 2) बिल 2025, मर्चेंट शिपिंग बिल और गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित करने का बिल पारित हुए।
2. इसके अलावा सत्र के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व और इलाहाबाद हाईकोर्ट के वर्तमान जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव रहा। मार्च 2025 में उनके आवास पर नकदी बरामदगी के बाद सरकार ने इस प्रस्ताव को लाने की तैयारी की है। इस मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बनती दिख रही है, और लोकसभा में 100 सांसदों के हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं। वहीं, सदन में बिहार के मतदाता सूची संशोधन (SIR) जैसे मुद्दों पर भी तीखी बहस देखने को मिली।
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