Kharge CJI meeting: मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज 11 अक्टूबर 2026 रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग की स्वायत्तता को कमजोर करके 'वोट चोरी' को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इसी के साथ उन्होंने ऐलान किया है कि वह और राहुल गांधी सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात करेंगे।
CJI सूर्यकांत से करेंगे मुलाकात खरगे
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा कि दोनों नेताओं ने CJI को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर शाम 4:00 से 5:00 बजे के बीच मिलने का समय मांगा है ताकि न्यायपालिका को देश में लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जा सके। उन्होंने कहा 'कल हम भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलने जा रहे हैं। मैंने पत्र लिखा है और राहुल जी ने भी पत्र लिखा है। हमने शाम 4:00 से 5:00 बजे के बीच का समय निर्धारित किया है। हम उन्हें परिस्थितियों से अवगत कराएंगे। हम उनसे कुछ भी नहीं मांग सकते; केवल हाथ जोड़कर ही हम अपना निवेदन करेंगे।'
CEC ज्ञानेश कुमार पर क्या बोले खरगे?
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए, खरगे ने उन पर साथी चुनाव आयुक्तों की आवाज़ दबाने और चुनाव आयोग को स्वतंत्र निर्णय लेने से रोकने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा 'CEC एक संवैधानिक निकाय है। वे स्वतंत्र हैं। वे स्वतंत्र निर्णय ले सकते हैं। लेकिन वह उन्हें स्वतंत्र निर्णय लेने नहीं दे रहे हैं। सीईसी के दो सदस्यों ने आयोग की कार्यप्रणाली, अनियमितताओं और सदस्यों की राय को खुलेआम उजागर किया है, लेकिन आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।' उन्होंने आगे दावा किया कि सत्ताधारी दल को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए इस संस्था से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा 'ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि वह ‘वोट चोरी’ जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने जो भी ‘वोट चोरी’ की है, उसी के दम पर उन्होंने केंद्र और राज्यों में सरकार बनाई है।'
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मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और सेवा शर्तों से संबंधित 2023 में पारित कानून को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए, खरगे ने दावा किया कि अधिकारियों को बचाने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा 'ऐसा माहौल बनाने के लिए मोदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और सदस्यों को संरक्षण देने के लिए 2023 का अधिनियम लाया। उन्होंने जो छूट दी, वह तो भारत के राष्ट्रपति या मुख्य न्यायाधीश को भी नहीं दी जाती, लेकिन सिर्फ एक चुनाव आयुक्त को दी गई है। क्यों?' कांग्रेस अध्यक्ष ने जोर देकर कहा 'यह छूट देने के बाद उन्होंने यह प्रक्रिया शुरू की - वोट चोरी, ईवीएम, ये सब, और मुख्य चुनाव आयुक्त जो भी गलतियां करते हैं, उन्हें मृत्यु तक उनसे छूट मिलती है। इसका मतलब है कि यह वोट छीनने और लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी करने की साजिश है, और वह यह सब कर रहे हैं, और हम इसका मुकाबला करेंगे।'
PM मोदी और अमित शाह पर लगाया आरोप
प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर लोकतांत्रिक मानदंडों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए, खरगे ने कहा कि देश में इस समय "अघोषित आपातकाल" जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा 'देश में गृह मंत्री और प्रधानमंत्री अराजकता फैला रहे हैं। अघोषित आपातकाल घोषित किया जा रहा है। इसलिए हम इसके खिलाफ लड़ रहे हैं।' विपक्ष और मुख्य चुनाव आयुक्त (CJP) के विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में किए गए भारी सुरक्षा इंतजामों की ओर इशारा करते हुए खरगे ने कहा 'कल लगभग 32,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इससे ही पता चलता है कि उन्हें कितना डर है।'