
Highway Developmen 2026:नए साल की शुरुआत के साथ ही भारत की सड़क परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने वाला है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतमाला परियोजना के तहत 2026 में 8 प्रमुख एक्सप्रेसवे पूरे होने की उम्मीद है, जो कुल 4,917 किलोमीटर की दूरी कवर करेंगे। ये एक्सप्रेसवे उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक देश को जोड़ेंगे। साथ ही, यात्रा में लगने वाले समय को आधा कर देंगे और औद्योगिक, व्यापारिक तथा पर्यटन क्षेत्रों को मजबूती देंगे। अमृतसर-जामनगर जैसे ऊर्जा गलियारे से लेकर चेन्नई-बेंगलुरु जैसे औद्योगिक लिंक तक, ये परियोजनाएं अर्थव्यवस्था को गति देंगी।
1. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे
670 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के पास जसौर खेड़ी से शुरू होकर पंजाब होते हुए जम्मू-कश्मीर के कटरा तक जाएगा। 4 लेन का यह मार्ग 8 लेन तक विस्तार योग्य है। कुल लागत करीब 38,905 करोड़ रुपये है। 2026 तक पूरा होने पर दिल्ली से अमृतसर की दूरी 8 घंटे से घटकर 4 घंटे और दिल्ली से कटरा 14 से 6 घंटे रह जाएगी। बता दें, यह भारतमाला परियोजना का हिस्सा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।
2. अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे
109 किलोमीटर की यह सड़क अहमदाबाद को धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) से जोड़ेगी। 4 लेन (8 तक विस्तार योग्य) वाला यह एक्सप्रेसवे NHAI द्वारा बनाया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग 4,500 करोड़ रुपये है। जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है और इसी साल 2026 में खुल सकता है। यह गुजरात के औद्योगिक विकास को तेज करेगा और लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाएगा।
3. रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे
464 किलोमीटर लंबा यह मार्ग छत्तीसगढ़ (124 किमी), ओडिशा (240 किमी) और आंध्र प्रदेश (100 किमी) से यानी रायपुर से विशाखापत्तनम पोर्ट तक गुजरेगा। 6 लेन का यह एक्सप्रेसवे भारतमाला फेज-1 का हिस्सा है, जिसकी लागत 16,482 करोड़ रुपये। दिसंबर 2026 तक पूरा होने पर बंदरगाह कनेक्टिविटी मजबूत होगी और माल ढुलाई आसान हो जाएगी।
4. चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे
258 किलोमीटर का यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को जोड़ेगा। 4 लेन वाला राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-7 (NE-7) भारतमाला का हिस्सा है, जिसकी लागत 18,000 करोड़ रुपये है। बताया जा रहा है कि जुलाई 2026 तक यह पूरा बनके तैयार हो सकता है। जिससे यात्रा में लगने वाला समय कम होगा और दक्षिण भारत के औद्योगिक तथा सप्लाई चेन को लाभ मिलेगा।
5. अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे
1,257 किलोमीटर लंबा यह मार्ग अमृतसर से बठिंडा, बाड़मेर होते हुए गुजरात के जामनगर तक जाएगा। 4-6 लेन वाला यह एक्सप्रेसवे NHAI द्वारा बनाया जा रहा है, जिसकी कुल लागत 80,000 करोड़ रुपये है। अप्रैल 2026 तक पूरा होने पर अमृतसर से जामनगर की दूरी 26 घंटे से घटकर 13 घंटे रह जाएगी। यह ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।
6. गंगा एक्सप्रेसवे (मेरठ से प्रयागराज)
594 किलोमीटर का यह मार्ग मेरठ से प्रयागराज तक उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से गुजरेगा। 6 लेन वाला यह एक्सप्रेसवे 99% पूरा हो चुका है, जिसकी लागत 37,350 करोड़ रुपये। जनवरी 2026 के आसपास चालू होने की उम्मीद है। इसमें टोल प्लाजा, राम्प, सर्विस सेंटर और पुल शामिल हैं, जो व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देंगे।
7. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
1,355 किलोमीटर लंबा यह प्रमुख मार्ग दिल्ली के डीएनडी फ्लाईओवर/सोहना से हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र होते हुए विरार/जेएनपीटी पोर्ट तक जाएगा। 6-8 लेन वाला यह एक्सप्रेसवे 774 किमी पहले ही खुल चुका है, कुल लागत 1 लाख करोड़ रुपये। मार्च 2026 तक पूरा होने पर देश की आर्थिक रीढ़ मजबूत होगी।
8. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
210 किलोमीटर का यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर होते हुए उत्तराखंड के देहरादून तक जाएगा, जिसकी लागत 13,000 करोड़ रुपये। फरवरी 2026 तक चालू होने की उम्मीद है, दिसंबर 2025 से ट्रायल रन शुरू। इससे दिल्ली से देहरादून की दूरी 6 घंटे से घटकर 2.5 घंटे रह जाएगी।
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