'उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA सांसदों से मांगूंगा समर्थन' - विपक्ष के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी

'उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA सांसदों से मांगूंगा समर्थन' - विपक्ष के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी

B. Sudarshan Reddy: भारत के आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। रेड्डी ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि वह न केवल विपक्षी दलों, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों से भी समर्थन मांगेंगे। उन्होंने इस चुनाव को संख्याओं का खेल नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतिस्पर्धा करार दिया। साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लगाए गए नक्सलवाद समर्थन के आरोपों का भी उन्होंने करारा जवाब दिया।

उपराष्ट्रपति उम्मीदवारी पर क्या बोले बी. सुदर्शन रेड्डी?

दरअसल, बी. सुदर्शन रेड्डी ने अपनी उम्मीदवारी को एक सैद्धांतिक लड़ाई बताया। उन्होंने कहा 'मैं एक लिबरल कॉन्स्टिट्यूशनल डेमोक्रेट हूं। मेरा विश्वास संविधान में है और मैं पिछले 50 सालों से संविधान की प्रति अपने पास रखता हूं।' रेड्डी ने साफ तौर पर कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं और उनकी उम्मीदवारी सभी सांसदों के लिए खुली है।  उन्होंने कहा 'उपराष्ट्रपति का चुनाव सांसद करते हैं, न कि राजनीतिक दल। मैं सभी दलों के सांसदों से समर्थन मांगूंगा, जिसमें NDA के सांसद भी शामिल हैं।'

लेकिन रेड्डी की इस रणनीति ने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और चंद्रबाबू नायडू को असमंजस में डाल दिया है। क्योंकि आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले रेड्डी की उम्मीदवारी ने क्षेत्रीय गर्व का मुद्दा उठाया है, जिससे TDP पर अपने राज्य के नेता का समर्थन करने का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में विश्लेषकों का मानना है कि अगर TDP, NDA के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन का समर्थन करती है, तो यह आंध्र प्रदेश की जनता के बीच गलत संदेश दे सकता है। वहीं, रेड्डी का समर्थन करना NDA गठबंधन के साथ टकराव का कारण बन सकता है।

अमित शाह के आरोप पर रेड्डी का जवाब

दूसरी तरफ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रेड्डी की उम्मीदवारी पर तीखा हमला बोला। कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान शाह ने आरोप लगाया कि रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट के जज रहते हुए सलवा जुडूम मामले में 2011 का फैसला सुनाकर नक्सलवाद को समर्थन दिया। शाह ने कहा 'अगर रेड्डी ने सलवा जुडूम को असंवैधानिक घोषित नहीं किया होता, तो देश में माओवाद 2020 तक खत्म हो गया होता।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने वामपंथी दलों के दबाव में रेड्डी को उम्मीदवार बनाया, जो सुप्रीम कोर्ट जैसे पवित्र मंच का दुरुपयोग करने की सोच रखते हैं।

इसके जवाब में रेड्डी ने अमित शाह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा 'मैं पिछले कई सालों से भारत में ही था। तब उन्होंने क्यों नहीं कहा कि नक्सलवाद मेरे कारण खत्म नहीं हुआ? अब वह इसे मुद्दा बना रहे हैं, यह उनका हक है। लेकिन इतने साल चुप क्यों रहे?' रेड्डी ने जोर देकर कहा कि उनकी विचारधारा पूरी तरह से संविधान पर आधारित है और वह किसी भी तरह के उग्रवाद का समर्थन नहीं करते।  

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