Delhi HC: कोर्ट की सुनवाई के दौरान वकील हमेशा अदालत में ही मौजूद होता है। लेकिन क्या हो जब वकील चलती कार में बैठा हुआ वर्चुअली तौर पर सुनवाई में शामिल हो। दरअसल, एक मामले में वकील चलती कार से वर्चुअल शामिल हुआ, जिसे देख दिल्ली हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई और वकील पर ₹1 लाख का जुर्माना लगा दिया। कोर्त ने साफ तौर पर कहा कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा सराहनीय है, लेकिन चलती कार की वजह से कार्यवाही में बाधा नहीं आनी चाहिए। अदालत ने कहा कि कोर्ट की गरिमा से समझौता नहीं किया जाएगा।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह आदेश 28 सितंबर 2026 मंगलवार को जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की एकल पीठ द्वारा दिया है। तब पीठ साउथ इंडियन बैंक लिमिटेड और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई कर रहा था। लेकिन उस दौरान अधिवक्ता नचिकेता गोयल सुनवाई में सीधे तौर पर शामिल होने की बजाए चलती कार से वर्चुअली जुड़े।
इस स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने आपत्ति जताई और साफ किया कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा के लिए अधिवक्ता का बैकग्राउंड कार्यवाही को बाधित करने वाला नहीं होना चाहिए। इस सुविधा का मतलब यह नहीं कि आप किसी भी परिस्थिति में हो, वर्चुअली पेश हो सकते हैं।
₹1 लाख जुर्माना लगाया
इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए कोर्ट ने वकील पर ₹1 लाख जुर्माना लगाया है। साथ ही, आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि एक हफ्ते के अंदर दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में जमा करें।