
Sambhal Demographic change Report: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जनसांख्यिक बदलाव को लेकर सियासी घमासान मच गया है। एक मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी, की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने अपनी 450पेज की रिपोर्ट में दावा किया है कि 1947में संभल में हिंदू आबादी 45%थी, जो अब घटकर 15%रह गई है, जबकि मुस्लिम आबादी 55%से बढ़कर 85%हो गई है। रिपोर्ट में संभल के सांप्रदायिक दंगों का इतिहास और मस्जिद की नींव में हिंदू मंदिर के सबूत होने का भी जिक्र है। यह रिपोर्ट गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई, जिसके बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
BJP-VHP का SP पर हमला
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रदर्शन कर संभल के सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का पुतला फूंका और हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। BJP ने भी सपा और कांग्रेस की ‘तुष्टिकरण नीति’ को जनसांख्यिक बदलाव का जिम्मेदार ठहराया। BJP के एक नेता ने कहा कि संभल में बार-बार सांप्रदायिक दंगे हुए, जिससे हिंदू असुरक्षित महसूस कर पलायन करने को मजबूर हुए। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने हिंदुओं को सुरक्षा देने में कोई कदम नहीं उठाया, जिसका नतीजा यह बदलाव है।
SP और मुस्लिम धर्मगुरु का जवाब
सपा ने BJP के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि योगी सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दे उठा रही है। वरिष्ठ मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना शब्बुद्दीन रिजवी ने भी रिपोर्ट पर सवाल उठाए और कहा कि हिंदुओं का पलायन बेहतर शिक्षा और रोजगार की तलाश में हुआ हो सकता है, न कि किसी सांप्रदायिक कारण से। इस विवाद ने संभल को फिर से चर्चा में ला दिया है, जहां सांप्रदायिक संवेदनशीलता और सियासत का गहरा नाता रहा है।
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