
Cabinet Meeting: रक्षाबंधन के मौके पर केंद्र सरकार ने कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान 52,667 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दी। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 12,060 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी गई। तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता और अन्य विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी संस्थानों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 4,200 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
उज्ज्वला योजना: 12,060 करोड़ रुपये की सब्सिडी
बता दें, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 1 मई 2016 को शुरू की गई थी। जिसका मकसद गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन प्रदान करना था। साथ ही, लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों से होने वाले स्वास्थ्य और पर्यावरणीय नुकसान को कम करना है। वहीं, कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पीएम उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए 12,060 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी है। अब तक, इस योजना ने 10.33 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाया है।
तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की राहत
कैबिनेट ने सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) को 30,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी। यह सहायता वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए दी गई है। इस कदम से तेल कंपनियां रसोई गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को स्थिर रख सकेंगी, जिससे आम जनता को महंगाई से राहत मिलेगी।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
इसके अलावा कैबिनेट मीटिंग में पूर्वोत्तर राज्य असम और त्रिपुरा के लिए 4,250 करोड़ रुपए का स्पेशल विकास पैकेज स्वीकृत किया गया है. वहीं, दक्षिण भारत में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए मरक्कनम–पुडुचेरी फोर-लेन हाईवे के निर्माण और डेवलपमेंट के लिए 2,157 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही, 2,817 करोड़ रुपये के निवेश के साथ डिजिटल कृषि मिशन को मंजूरी दी गई। यह मिशन किसानों को डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सशक्त बनाएगा और उनकी उत्पादकता बढ़ाएगा।
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