आजादी से लेकर अब तक 6 बार बदल चुका है राष्ट्रीय ध्वज, जानें इससे जुड़ी रोचक बातें

आजादी से लेकर अब तक 6 बार बदल चुका है राष्ट्रीय ध्वज, जानें इससे जुड़ी रोचक बातें

नई दिल्ली: देशभर में 75वां आजादी का अमृत महोत्सव की तैयारी जोरो-शोरो से चली है।वही घर से लेकर सड़कों तक तिरंगे को फहराया जा रहा है। वैसे तो भारत के तिरंगे को देश का आन,बान और शान कहा जाता है। लेकिन बहुत कम लोगों इस बात को जानते है कि हमारे देश के झंड़े को आजादी से लेकर अब तक 6 बार बदला जा चुका है।

बता दें कि 22 जुलाई का दिन भारत के लिए एक बेहद खास माना जाता है क्योंकि यही वो दिन था जब संविधान सभा में पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के कमिटी की सिफारिश पर तिरंगे को देश के राष्ट्रीय ध्वज के तौर पर अपनाया गाया था। वही तिरंगे से पहले देश को अब तक 5 झंड़े मिल चुके है।जिसमें सबसे पहला झंड़ा हमारे देश को 7 अगस्त  1906 में मिला था।वही इस पहले झंड़े को पारसी बागान चौक कलकात्ता में फहराया गया था। इस ध्वज में लाल,पीली और हरे रंग की पट्टियों से बनाया गया था। इसमें सबसे ऊपर हरा बीच में पीला और नीचे लाल रंग था।इसके अलावा इस झंड़े में कमल के फूल और चांद-सूरज भी बना हुआ था।

वही दूसरा झंड़ा पेरिस में मैडम कामा और कुछ क्रांतिकारियों द्वारा फहराया गया था। हालांकि कई लोगों का कहना है कि यह घटना साल 1907 में हुई थी। वैसे तो यह दूसरा ध्वज हुबहु पहले ध्वज की तरह ही थी,लेकिन इसमें ऊपर की पट्टी पर केवल एक कमल था और सात तारों का दर्शाया गया था। वहीं तीसरे ध्वज को साल 1917 मे फहराया गया था। इस झंड़े में 5 लाल और 4 हरे रंग के पट्टियां एक के बाद एक बनी हुई थी।इसके अलावा इसमें 7 सितारों को भी पिरोया गया था। वहीं, बांई और ऊपरी किनारे पर (खंभे की ओर) यूनियन जैक था। एक कोने में सफेद अर्धचंद्र और सितारा भी था।

अब बात करते है देश के चौथे ध्वज की तो इस ध्वज को एक युवक के द्वारा बनाया गया था। जिसन यह ध्वज गांधी जी को तोहफे में दिया था। इस ध्वज को दो रंगों में ढाला गया था,जो लाल और हरा था।इस झंड़े दो प्रमुख समुदायों का प्रतिनिधित्व करता था इसमें सबसे पहला हिंदू धर्म था और वही दूसरा मुस्लिम धर्म था। गांधी जी ने सुझाव दिया कि भारत के शेष समुदाय का प्रतिनिधित्वह करने के लिए इसमें एक सफेद पट्टी और राष्ट्रे की प्रगति का संकेत देने के लिए एक चलता हुआ चरखा होना चाहिए।

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