CJP Activists Release: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को आज 11 अक्टूबर 2026 रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने तीनों को रिहा कर दिया। CJP ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए तीनों की रिहाई की जानकारी दी है। CJP ने पोस्ट में लिखा 'कॉकरोच कभी नहीं मरते।'
मुख्य न्यायिक परिषद (CJP) की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने X पर बताया 'कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अभिजीत, सौरभ और आशुतोष को रिहा कर दिया है।' इसके अलावा अधिवक्ता सौतिक बनर्जी ने भी उनकी रिहाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा 'तीनों (अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास) को रिहा कर दिया गया है। वे यहां से जा सकते हैं।'
क्यों हुई थी गिरफ्तारी?
बता दें, दिल्ली के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में भाग लेने के लिए मुंबई से दिल्ली आ रही उड़ान पर सवार CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने कल इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान से उतरते ही पुलिस ने उन्हें और उनके साथियों को हिरासत में ले लिया था। वीडियो में दिपके को यह आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है 'आप देख सकते हैं कि दिल्ली पुलिस हमें गिरफ्तार करने के लिए विमान में घुस रही है। वे सभी विमान में प्रवेश कर रहे हैं। हम अभी-अभी उतरे हैं। दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारी गलियारे में खड़े हैं। वे विमान के अंदर से हमें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी दिल्ली पुलिस विमान में चढ़ रही है। यह नरेंद्र मोदी का डर है...आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने भी ऐसा नहीं किया था। हम तो बस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे, और वे हमें विमान से ऐसे उठा रहे हैं जैसे हम अपराधी हों।'
वीडियो में दिपके ने आगे कहा 'आप देख सकते हैं कि देश किस दिशा में जा रहा है। वे हमें सीधे विमान से गिरफ्तार करने आए हैं। ऐसा तो इंदिरा गांधी ने भी कभी नहीं किया था। यह तानाशाही है, जहां दिल्ली पुलिस विमान में घुस गई है और हमें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। चलो, हमें गिरफ्तार करो। हम यहां गिरफ्तार होने आए हैं। चलो, हमें गिरफ्तार करो। हम यहां गिरफ्तार होने आए हैं। हम तुमसे नहीं डरते।'
बड़े पैमाने पर हुईं गिरफ्तारियां
बता दें, बीते दिन 10 अक्टूबर शनिवार को दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं और राजनीतिक टकराव देखने को मिला। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ फिलॉसफी (सीजेपी) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को दबाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, सीपीआई (एम) नेता पिनारयी विजयन और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी जैसे प्रमुख विपक्षी नेता शामिल थे।
Also read: CJP के तीन संस्थापक गिरफ्तार, दिल्ली कैंट कोर्ट में होगी पेशी; जानें क्या है पूरा मामला