UP 8th Pay Commission: उत्तर प्रदेश के लिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। आयोग ने 22 और 23 जून के लिए लखनऊ में केंद्रीय सरकारी संगठनों, संस्थानों, कर्मचारी यूनियनों और संघों के साथ बैठक आयोजित की है। इस दौरान बैठक में राज्य के कर्मचारियों से वेतन, भत्तों, सेवा शर्तों जैसी सेवाओं में सुधार के लिए सुझाव लिए जाएंगे।
लखनऊ बैठक का उद्देश्य
बता दें, आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 03 नवंबर 2025 को किया गया था। जिसे लेकर अब देशभर में क्षेत्रीय स्तर पर बैठकें की जा रही हैं। इन्हीं बैठकों की तर्ज पर 22-23 जून को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यह बैठक आयोजित की गई है। इस दो दिवसीय बैठक में राज्य में तैनात केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों से उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं में क्या सुधार किए जाने चाहिए, इन पर सुझाव मांगे जाएंगे।
दरअसल, आयोग के गठन के बाद से ही कर्मचारी संगठन और पेंशनर सैलरी और पेंशन में पर्याप्त बढ़ोतरी और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे थे। ऐसे में यह बैठक उन सभी के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है। जानकारी के अनुसार, इन बैठकों में उत्तर प्रदेश स्थित रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, सीपीडब्ल्यूडी और अन्य केंद्रीय विभागों के प्रतिनिधि, यूनियनें और संघ शामिल होंगे।
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कर्मचारियों की मुख्य मांगें
1. कर्मचारी आठवें वेतन आयोग के तहत 3-4 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अगर उनकी मांग मान ली जाती है तो उनकी न्यूनतम बेसिक सैलरी में इजाफा होगा।
2. इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त अलाउंसेज को बढ़ाने की मांग की जा रही है।
3. इसके साथ ही कर्मचारियों के प्रमोशन और इंक्रीमेंट के नियमों में सुधार किए जाने की मांग हो रही हैं।
4. न्यूनतम पेंशन में वृद्धि की डिमांड की जा रही है।
5. महंगाई भत्ता (DA) और अन्य भत्तों का पुनरीक्षण पर भी चर्चा होगी।
मालूम हो कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से हो चुकी हैं। इसके अलावा आयोग की इन बैठकों का एजेंडा हर क्षेत्र के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और जमीनी स्तर पर उनकी उम्मीदों का पता लगाना है।