
नई दिल्ली: 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को आज अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम उसे भारत लेकर आ रही है, उसका प्रत्यर्पण को हाल ही में मंजूरी मिली है। भारत पहुंचने पर उसे शुरूआती हफ्तों के लिए एनआईए की हिरासत में रखा जाएगा। इस ऑपरेशन की निगरानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।
राणा के "स्वागत" के लिए दिल्ली और मुंबई की दो जेलों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। इन इंतजामों को अमेरिकी न्यायपालिका की सिफारिशों के अनुसार चुपचाप तैयार किया गया है, ताकि उसकी सुरक्षा और हिरासत के नियमों का पालन हो सके। राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, 2008के मुंबई हमलों में उसकी अहम भूमिका रही है, उसने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड कोलमैन हेडली को हमले की टोह लेने में मदद की थी। बता दें कि मुंबई में 166 लोगों की मौत हुई थी।
राणा प्रत्यर्पण पर ट्रंप ने दिया बड़ा बयान
राणा प्रत्यर्पण को लेकर फरवरी के महीने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि राणा को भारत भेजकर में खुश हूं। यह प्रत्यर्पण 2019 से मोदी सरकार की कोशिशों का नतीजा है। दिसंबर 2019 में भारत ने अमेरिका से राणा को सौंपने की मांग की थी। भारत ने राणा की गिरफ्तारी के लिए अमेरिका में 10 जून 2020 को शिकायत दर्ज कराई गई थी।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी
यह प्रत्यर्पण भारत सरकार के 2019से चले आ रहे प्रयासों का नतीजा है, जिसे अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राणा की याचिका खारिज कर हरी झंडी दे दी। अब उस पर भारत में मुकदमा चलाया जाएगा, जो मुंबई हमलों के पीड़ितों के लिए न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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