
नई दिल्ली: भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना विशेष योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की 138 वी जंयती मनाई जा रही है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीनेश्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मैं आजादी की लड़ाई के महान सेनानी और प्रखर राष्ट्रभक्त वीर सावरकर को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं.
वही शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट करते सावरकर को भारत रत्न बताया है.केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, प्रखर वक्ता एवं लेखक विनायक दामोदार सावरकर जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन, औपनिवेशिक शक्तियों के खिलाफ उनकी बहादुरी, संघर्ष एवं त्याग हम सभी को सदा प्रेरित करता रहेगा.'
बता दें किराष्ट्र चेतना के धधकते अंगारे व हिन्दू राष्ट्र के प्रचंड योद्धा वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक में एक चितपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था. विनायक दामोदर सावरकर क्रांतिकारी होने के साथ-साथ लेखक, वकील और हिंदुत्व की विचारधारा के बड़े समर्थक थे. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान नासिक के कलेक्टर की हत्या के आरोप में अंग्रेजों ने 1911 में सावरकर को काले पानी की सजा सुनाई थी. सावरकर का निधन 1966 में 26 फरवरी को हुआ था.
1857 की स्वतंत्राता क्रांति का श्रेय भी विनायक दामोदर सावरकर को जाता है. 1909 में इनके द्वारा लिखी गई किताब 'द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस-1857'में1857 की लड़ाई को भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम घोषित किया था. ये सावरकर का पहला ऐसा बड़ा काम था, जिसे स्वतंत्र भारत में स्वीकार्यता मिली थी.
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने एक भाषण में वीर विनायक दामोदर सावरकर को कुछ इस तरह परिभाषित किया था, 'सावरकर एक व्यक्ति नहीं हैं, एक विचार हैं. वो एक चिंगारी नहीं हैं, एक अंगार हैं. वो सीमित नहीं हैं, एक विस्तार हैं.'
वीर सावरकर को आधुनिक भारत का निर्माता माना जाता है. आधुनिक भारत को नया नजरियां देना और उसकी आधुनिक भारत के निर्माण में उनके उस योगदान को नहीं भुलाया जा सकता.
बता दे कि गांधी और सावरकर दो अलग विचारधाराओ के व्यक्ति है. पर फिर भी गांधी और नेहरू वीर सावरकर के विचारो से प्रभावित थे. वही वीर सावरकर इटली के महान नेता माजिनी से प्रभावित थे.
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