
नई दिल्ली: मंकीपॉक्स वायरस ने दुनियाभर के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी रविवार के दिन मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति पाया गाया है। जिसके बाद पूरे भारत में इस खतरनाक बीमारी की संख्या तीन से बढ़कर चार हो चुकी है। हालांकि इस खतरनाक बीमारी को लेकर दिल्ली के एम्स यानी कि अखिल भारतिय आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर डॉ संजय राय ने बड़ा बयान दिया है, जिससे सुनकर लोगों को राहत मिली है।
बता दें कि, इस बीमारी को लेकर डॉक्टर का कहना है कि जिन लोगों को चेचक का टीका लग चुका है, उन्हें मंकीपॉक्स से ज्यादा खतरा नहीं है। उनका कहा कि चेचक का टीका मंकीपॉक्स को हराने के लिए कारगर है। इसके अलावा उनका कहना है कि भारत में 45साल से ज्यादा उम्र के लोगों ने चेचक का टीका लगवाया हुआ है और यह टीका मंकीपॉक्स से बचाने में मदद करता है। एक समय था जब चेचक से मरने वालो की संख्या 30प्रतिशत थी,वहीं दूसरी ओर मंकीपॉक्स से मरने वालों की संख्या केवल 2से 3प्रतिशत है।
इसके अलावा उनका कहाना है कि जिन लोगों का इम्यून सिस्टम किसी भी करण से कमजोर है,उन्हें थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए ताकि उन पर किसी भी तरह का कोई खतरा ना मंडराए। वैसे डॉक्टर्स का कहाना है कि यह रोग कोई नया नहीं है बल्कि यह 50साल पुराना रोग है,जिसका पहला मामला अफ्रिका के कांगो में पाया गया था।
मंकीपॉक्स के मरीज़ में पाए जाते है यह लक्षण:-
1.मरीज में चेचक और वायरल बुखार से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
2.इसमें मरीज को बुखार होता है, मांसपेशियों में दर्द होता है।
3.गर्दन और हाथ की चमड़ी पर 2-5मिलीमीटर के फफोले पड़ जाते हैं।
4.इनमें पानी भर जाता है, गंभीर स्थिति में इसमें मवाद भर सकती है।
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