
Meningitis Outbreak: ब्रिटेन में इन दिनों गंभीर बीमारी मेनिनजाइटिस ने कहर बरपा रखा है। यूनिवर्सिटी ऑफ केंट के हालात पिछले कुछ दिनों से तेजी से बिगड़ रहा है। मेनिनजाइटिस का प्रकोप फैलने के कारण कई छात्र बीमार पड़ गए हैं। जिसमें दो की मौत हो गई है। वहीं, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 20 से ज्यादा हो गई है।
यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने कहा कि मेनिनजाइटिस के कारण हालात तेजी से बिगड़े हैं। छात्रों के बीच दहशत का माहौल है। मांग होने लगे है कि फिर से कोविड के दौर जैसा लॉकडाउन लगाया जाए ताकी संक्रमण को फैलने से रोका जाए।
कितना खतरनाक है मेनिनजाइटिस
बता दें कि मेनिनजाइटिस के शिकार लोगों से दूसरे व्यक्ति में ये बीमारी तेजी से फैलती है। मरीजों में ब्रेन से संबंधित कई तरह की दिक्कतों का खतरा रहता है। ये बीमारी सिर्फ मरीजों के संपर्क में आने से फैलती है। ड्रिंक्स या खाने-पीने की चीज शेयर करने के कारण भी ये बीमारी फैलती है। ट्रेन जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों से ये नहीं फैलती इसलिए बहुत स्तर पर प्रतिबंधों लगाने की जरूरत नहीं दिख रही है। गंभीर स्थिति में मरीजों को कोमा में भी ले जाया जा सकता है। वहीं, संक्रमण के शिकार 10-15 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है।
यूनिवर्सिटी के अधिकारी ने क्या कहा
फिलहाल यूनिवर्सिटी ऑफ केंट के अधिकारियों का कहना है कि पब्लिक हेल्थ गाइडलाइंस का पालन कर रहे हैं और कैंपस को खुला रख रहे हैं। छात्रों को चेतावनी दी गई है कि लगातार बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न या उल्टी जैसे लक्षणों दिखें, तो तुरंत स्वास्थ्य सेवा की सहायता लें। यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर मेडिकल स्कूल के सीनियर लेक्चरर कहते हैं कि इस आपदा से निपटने का मुख्य तरीका टारगेटेड एंटीबायोटिक्स देना है, ना की लॉकडाउन या बड़े पैमाने पर रोकथाम लगाना।
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