एक ऐसा गांव जहां दोस्त की तरह रहता है ये जहरीला जानवर, बच्चों के साथ सांप भी पढ़ने जाते हैं स्कूल

एक ऐसा गांव जहां दोस्त की तरह रहता है ये जहरीला जानवर, बच्चों के साथ सांप भी पढ़ने जाते हैं स्कूल

Shetpal Village: दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें पशु-पक्षियों से बहुत ज्यादा लगाव हैं। इसलिए लोग कुत्ता, बिल्ली, तोता या खरगोश पालना पसंद हैं। इसके अलावा कई लोग जहरीले सांप को भी पालते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि देश में एक ऐसा भी गांव है, जहां लोग सच में जहरीले सांप को पालते हैं। ये सांप आसानी से लोगों के घरों में आते-जाते है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि इस गांव के छोटे-छोटे बच्चे भी बिना कियी डर के इन सांपों के साथ खेलते हैं।

घरों के कोने में बनवाते है खोखली

बता दें. महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का शेतपाल एक ऐसा अनोखा गांव है, जहां लोग बिना कियी डर के जहरीले सांपों को पालते हैं। ऐसा कहा जाता है कि आज तक इस गांव के लोगों को किसी भी सांप ने नहीं काटा। इस गांव के लोग सांपों की पूजा करते हैं। इसी के साथ सांपों के लिए घरों में रहने की भी उचित व्यवस्था की जाती हैं।  

शेतपाल गांव में 2600 से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां बच्चा-बच्चा जहरीले सांपों से खेलता हैं। गांववालों के घरों में सांपों के लिए कोई रोकटोक नहीं है। इसलिए गांव के लोग घर बनवाते समय सांपों के लिए घर के कोने में खोखली जरूर बनवाते है।

बच्चों को नहीं लगता सांपों से डर

बता दें, जहां आम इंसान सांप के नाम से ही डर जाते है, उन्हें देखतो ही मार डालते है। ऐसे में शेतपाल गांव के लोग सांपों को अपना देवता मानकर सच्चे मन से उनकी पूजा करते हैं। इसलिए गांव में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को सांपों से कोई परेशानी नहीं है। यहां लोग सांप के साथ खुशी-खुशी बिना किसी डर के रहते हैं। बच्चे भी सांप से नहीं डरते बल्कि कई बार बच्चे सांप को बैग में रखकर स्कूल भी ले जाते हैं।

बाहरी लोगों के लिए घूमना मुश्किल

ऐसे में महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का शेतपाल गांव धीरे-धीरे पर्यटन का केंद्र बनता जा रहा है। लेकिन जब भी बाहरी लोग यहां घूमने आते है तो उनके लिए घूमना फिरना थोड़ा मुश्किल हो जाता हैं। ऐसे में गांव के लोगों का कहना है कि बाहरी व्यक्ति भी सांपों से दोस्ती कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें सांपों को दूध, अंडे जैसी चीजें खिलानी होगी।  

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