
Guillain Barre Syndrome Pune: महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक रहस्यमय बीमारी फैली हुई है, जिसके कारण 73 लोग प्रभावित हुए हैं। यह बीमारी 'गुलेन बैरी सिंड्रोम' (GBS) के रूप में जानी जाती है। इस स्थिति में, स्वास्थ्य विभाग बहुत सतर्क हो गया है और इसके लक्षणों और संभावित कारणों की जांच कर रहा है। पुणे नगर निगम ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और जनता को सतर्क किया है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पुणे ग्रामीण में 39, पुणे मनपा में 13, पिंपरी चिंचवड मनपा में 12 और 3 रोगी अन्य जिलों से हैं। इसमें 43 पुरुष और 24 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से 13 रोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। 19 वर्ष तक के कुल 33 लोग प्रभावित हैं। वहीं 20 वर्ष से 80 वर्ष के कुल 34 मरीज रोग से बाधित हुए हैं।
बिना डरे उचित इलाज से बीमारी पर काबू पाया जा सकता है- डिप्टी सीएम
इस बीमारी को लेकर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि बिना डरे उचित इलाज से इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नागरिकों से अपील की कि वे न डरें। संक्रमण में अचानक वृद्धि की जांच के लिए एक रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जीबीएस के पहले संदिग्ध मामले में 64 वर्षीय महिला की मौत हो गई है।
क्या है जीबीएस
जीबीएस एक दुर्लभ ऑटोइम्यून विकार है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से तंत्रिकाओं पर हमला करती है। यह तंत्रिकाओं के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाती है और मांसपेशियों में कमजोरी, झुनझुनी, संतुलन की हानि, और पक्षाघात का कारण बनती है।
इस बीमारी के लक्षण
डॉक्टरों के मुताबिक यह एक संक्रामक बीमारी है, और आमतौर पर वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के बाद होती है। टीकाकरण के बाद भी हो सकती है। अगर किसी को व्यक्ति को अक्सर दो हफ्तों के अंदर श्वसन (बुखार, खांसी, नाक बहना) या जठरांत्र संक्रमण (पेट दर्द, दस्त) के लक्षण बताते हैं। पैरों और बाहों में तेज़ी से होने वाली गंभीर कमज़ोरी की नैदानिक विशेषताओं से जीबीएस होने का संदेह होना चाहिए।
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