Maharashtra Politics: "हिम्मत है तो सामने आओ फिर बताता हूं...", MVA के जूते मारो आंदोलन पर अजित पवार का पलटवार

Ajit Pawar Attack on MVA: महाराष्ट्र में ज्यों-ज्यों चुनाव के दिन करीब आ रहे हैं , त्यों-त्यों राजनीति गरमाती जा रही है। छत्रपति शिवाजी की मूर्ति गिरने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष में घमासान मचा हुआ है। बता दें कि मूर्ति गिरने के बाद महाराष्ट्र के महाविकास अघाड़ी के घटक दल शिवसेना ( उद्धठ ठाकरे ) , कांग्रेस और एनसीपी ने जूता मारो आंदोलन निकाला था। जिसके जवाब में राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विपक्ष को आरे हाथों लिया है।
अजित पवार का विपक्ष पर पलटवार
विपक्ष के जूता मारो आंदोलन पर पलटवार करते हुए अजित पवार ने कहा कि जिन लोगों ने जूता मारो आंदोलन किया। उनसे मैं कहना चाहता हूं कि ऐसे जूता ना मारो , हिम्मत है तो सामने आओ। फिर मैं दिखाता हूं , ऐसे धोखेबाजी मत करो। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी सरकार नहीं चाहेगी कि उनके राज्य में ऐसी घटना हो। मैंने इस घटना के बाद जनता से माफी मांगी है।
महाविकास अघाड़ी ने किया था आंदोलन
शिवाजी की प्रतिमा गिरने के बाद एमवीए नेताओं ने जूते मारो आंदोलन किया था। ये आंदोलन मुंबई के हुतात्म चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक निकाला गया था। आंदोलन में उद्धव ठाकरे , आदित्य ठाकरे , शरद पवार और सुप्रिया सुले ने हिस्सा लिया था। आंदोलन के दौरान उद्धव ठाकरे ने एक पोस्टर पर छपे एकनाथ शिंदे और अजित पवार को चप्पल मारी थी। जिसके बाद अजित पवार ने पलटवार किया है।
पीएम मोदी ने किया था मूर्ति का अनावरण
बता दें कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण पीएम मोदी ने पिछले 4 दिसंबर को किया था। पीएम मोदी ने नौसेना दिवस पर शिवाजी की प्रतिमा का अनावरण किया था। 35 फुट की प्रतिमा का अनावरण नौसेना दिवस के समारोह के हिस्से के रूप में किया गया था। नौसेना दिवस का आयोजन पहली बार राजकोट में किया गया था।
Leave a comment