
Lohri 2025: आज पूरे देश में लोहड़ी का त्योहार बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। वहीं पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी के त्योहार को बड़े ही हर्षों उल्लास से मनाया जाता है। लेकिन अब पूरे भारत में इस त्योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। लोहड़ी के एक दिन बाद ही मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है।
आइए आपको बताते है इस त्यौहार की खासियत
लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति के एक दिन पहले मनाया जाता है। लोहड़ी का त्योहार का मुख्य रूप से हरियाणा और पंजाब में बड़ी धूमाधाम से मनाया जाता है। लोहड़ी के दिन शाम के समय आग जलाकर उसमें तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली को चढ़ाया जाता है। इसके बाद सभी लोग आग के चारों तरफ भांगड़ा और गिद्दा करते हुए लोहाड़ी के त्योहार को बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं।
किसानों के लिए बेहद खास लोहड़ी का त्योहार
लोहड़ी का त्योहार किसान के लिए बड़ा ही खास माना जाता है। किसान लोहड़ी के त्योहार को नववर्ष के रूप में भी मानते है। लोहड़ी के त्योहार को नई फसल की कटाई और ठंड के जाने का प्रतीक भी माना जाता है। लोहाड़ी के बाद तापमान के बढ़ोतरी होने लगती है। लोहाड़ी के समय गेंहू कि फसल तैयार हो जाती है। जिसके बाद गेंहू के फसल की कटाई की जाती है।
लोहड़ी के त्योहार को तिलोड़ी भी कहा जाता है
लोहड़ी के त्योहार के दिन लोग नए- नए वस्त्र पहनाते है। एक दूसरे को बधाइयां एवं शुभकामनाएं देते हैं। इसके साथ ही कई जगह लोहड़ी के त्योहार को तिलोड़ी भी कहा जाता है।
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