
Health: एक इंसान को स्वस्थ शरीर के लिए 6-7 घंटे की नींद लेनी जरूरी होती है। अगर नींद कम लेते है तो भी शरीर को खतरा हो सकता है और ज्यादा लेने पर शरीर में कुछ दिक्कतें होने लगती है जैसे ज्यादा सोने से चेहरा पर सूजन आ जाना जैसी समस्याएं। लेकिन कई बार आप नींद 6-7 घंटे की ले रहे है और फिर भी पूरा दिन नींद आती है तो इसे हल्के में ना लें क्योंकि इसका कारण हाइपरसोमनिया बीमारी हो सकती है।
इस बीमारी में रात में भरपूर नींद के बावजूद दिन में नींद आती रहती है। कई बार तो काम करते समय भी नींद आती है। कुछ रिसर्च में पता चला है कि जेनेटिक वजहों से भी यह बीमारी हो सकती है। अगर कोई मोटापे का शिकार है तो उसे यह बीमारी अपनी चपेट में जल्दी लेता है। कई केस में पार्किंसंस डिजीज के कारण भी ऐसा हो सकता है।
क्या है हाइपरसोमनिया
हाइपरसोमनिया (Hyperthymesia) एक अद्भुत मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति को अत्यधिक स्मृति क्षमता होती है। इस स्थिति में व्यक्ति लंबे समय तक पहले हुए घटनाओं, तिथियों, तथ्यों, स्थानों और अन्य विषयों के साथ सम्बंधित अद्वितीय याददाश्त रखता है। व्यक्ति हाइपरसोमनिया के कारण अपने जीवन के हर एक पल को याद रख सकता है, जैसे कि क्या उसने पहना था, क्या खाया था, यह कहाँ हुआ था, और इत्यादि।
हाइपरसोमनिया का वैज्ञानिक शब्द "स्मृतिवर्धक" (Superior Autobiographical Memory) है, और इसे पहली बार डॉक्टर जेम्स मैग्वाइर (Dr. James McGaugh) ने 2006 में वर्णित किया था। यह स्थिति बहुत ही अत्याधिकतम स्मृति क्षमता के कारण अद्वितीय होती है, और इसमें भारतीय मस्तिष्कशास्त्री विजय कुमार (Vijay Kumar) के अनुसार सिर्फ कुछ ही लोग पूरी दुनिया में हैं जिन्हें यह स्थिति होती है।
हाइपरसोमनिया का कारण
हाइपरसोमनिया के कारणों को समझना और विश्लेषण करना अभी तक मनोवैज्ञानिकों के लिए एक चुनौती साबित हुआ है। हालांकि, कुछ अध्ययनों ने कुछ संभावित कारकों की पहचान की है जो हाइपरसोमनिया के विकास में सहायता कर सकते हैं। यहां कुछ सामान्य कारण दिए जा रहे हैं, लेकिन ध्यान दें कि ये केवल सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं और आपकी व्यक्तिगत स्थिति भिन्न हो सकती है:
गैनेटिक फैक्टर्स: कुछ अध्ययनों ने प्रदर्शित किया है कि हाइपरसोमनिया जीनेटिक वारसता के माध्यम से भी प्राप्त हो सकता है। विशेष जीनों या वेरिएंट्स के मौजूद होने के बावजूद, इसका सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है।
मस्तिष्क क्षेत्रों की संरचना: हाइपरसोमनिया के कुछ मामलों में, एक संभावित कारण मस्तिष्क क्षेत्रों की विशेष संरचना हो सकती है। कुछ अध्ययनों ने दिखाया है कि हाइपरसोमनिया के लोगों में मस्तिष्क के कुछ हिस्सों, जैसे हिपोकैम्पस और अमिगडला, का आकार या सक्रियता विभिन्न हो सकती है।
एमोशनल कनेक्शन: कुछ मामलों में, हाइपरसोमनिया का विकास अधिकतर एमोशनल कनेक्शन के साथ जुड़ा हो सकता है। अद्भुत याददाश्त आपकी मनोभावनात्मक यादें याद रखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है, जिसका कारण इमोशनल स्मृति प्रोसेसिंग में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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