क्या आप भी है अस्थमा बीमारी से ग्रस्त, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान, वरना...

HEALTH: अस्थमा एक आम बीमारी हो गई है जो आपको घर में से एक व्यक्ति को हो रही है। इस बीमारी का इलाज तो है लेकिन यह व्यक्ति धूल भरी जगह पर ज्यादा समय नहीं बीता सकता है। वहीं क्या आपको बता है कि अस्थमा का अटैक आती है और यह रात के समय ज्यादा आने की संभावना होती है। दरअसल अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जो श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है और फेफड़ों की नलिकाओं को संकुचित कर देती है। इससे प्रतिरोध शक्ति कमजोर हो जाती है और व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होती है।
अस्थमा के मरीज खाएं ये फल
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शाकाहारी फल: अस्थमा के मरीजों के लिए फल एक बहुत ही सही विकल्प है। अस्थमा के मरीजों को शाकाहारी फल जैसे अनार, सेब, नींबू, खुबानी, आम, अंगूर, संतरे, केले, अदरक, अमरूद, अंजीर और जैतून का उपयोग करना चाहिए।
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हल्दी: हल्दी में एक मौजूद तत्व कुरकुमिन अस्थमा के लिए बहुत उपयोगी होता है। यह एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सिडेंट होता है जो अस्थमा जैसी बीमारियों के खतरे को कम करता है।
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लहसुन: लहसुन अस्थमा में बहुत उपयोगी होता है। यह फल एक शक्तिशाली एंटी-ऑक्सिडेंट होता है और श्वसन नलिकाओं को संकुचित करने वाले एंजाइमों के विरुद्ध लड़ता है।
अस्थमा का अटैक
अस्थमा का अटैक एक जटिल प्रक्रिया होती है जिसमें श्वसन प्रणाली में विस्फोट होता है और श्वसन मुश्किल हो जाता है। यह अधिक धूल, धुएं, जनवरों के बाल, कीटाणुओं या अन्य प्रदूषण वाले पदार्थों के संपर्क में आने से हो सकता है। इसके अलावा धुएं भरी जगहों में रहने वाले लोगों को भी यह समस्या होती है।अस्थमा के अटैक के लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ, फिसलती सांसें, सांसों में श्वास लेने के लिए ताकत की कमी, सीने में तनाव, नसों में अचानक दर्द और उनमें खिंचाव और सामान्य थकान होती है। अस्थमा के अटैक के समय यह उपयोगी हो सकते हैं:
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अस्थमा दवा: अस्थमा के अटैक में दवा सबसे महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं को समय पर लेना चाहिए। उपयुक्त दवाइयों से श्वसन नलिकाओं को खोला जा सकता है जो लक्षणों में सुधार करता है।
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सांस लेने के लिए तकनीकें: अस्थमा के अटैक के दौरान सांस लेने पर दिक्कत होती है।
अक्सर रात में आता है अस्थमा का अटैक
अक्सर रात में अस्थमा का अटैक आता है। इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं, जैसे श्वसन प्रणाली की लचीलापन कम होना, रात को वातावरण में धूल और अन्य प्रदूषण के लिए अधिक उत्सुकता, संयुक्त रोगों जैसे जुकाम और साइनस इन्फेक्शन के संक्रमण से पीड़ित होना, या नींद की कमी।
रात में क्यों आता है अस्थमा अटैक
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रात में अस्थमा के अटैक से बचने के लिए, निम्न उपायों का पालन करें:
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अपनी श्वसन प्रणाली को स्वस्थ रखने के लिए दवाओं का समय पर सेवन करें।
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रात को नींद की अवधि का पालन करें। नींद की कमी अस्थमा के अटैक को बढ़ा सकती है।
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धूल और प्रदूषण को अलग करने के लिए निष्क्रिय धूम्रपान न करें और कम से कम धूल और प्रदूषण वाले स्थानों पर न जाएँ।
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रात में ज्यादा ठंडा न करें। ठंडी हवा श्वसन प्रणाली को प्रभावित कर सकती है।
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अपने डॉक्टर से बात करें और रात में अस्थमा के लिए औषधि का समय जानें।
अस्थमा का अटैक आने पर क्या करें
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शांत रहें: आराम करने का प्रयास करें और शांत वातावरण में रहें।
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अपनी दवाओं का सेवन करें: अपनी दवाओं का समय पर सेवन करें और उन्हें उनकी व्यवस्थित मात्रा में लें। अपने डॉक्टर से पूर्व निर्धारित अनुसार नेबूलाइजर भी उपयोग कर सकते हैं।
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ठंडे या खाँसी संबंधी विषयों से दूर रहें: ठंडे हवा से दूर रहें और खांसी की उत्पत्ति करने वाली वस्तुओं से दूर रहें।
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अधिक पानी पिएं: अस्थमा के अटैक के दौरान अधिक पानी पिएं, यह अधिक फ्लूइड के सेवन से श्वसन नलिकाओं के अल्पता को दूर करने में मदद कर सकता है।
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दूर्गन्ध वाली वस्तुओं से दूर रहें: दूरदर्शी धूम्रपान और अन्य दूर्गंध वाली वस्तुओं से दूर रहें।
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तंद्रा व श्वास व्यायाम करें: तंद्रा व श्वास व्यायाम करना अस्थमा के अटैक के लिए लाभदायक हो सकता है।
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