
Heart Attack Symptoms In Kids: बागपत जिले में एक 7साल की बच्ची की खेलते समय अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह कक्षा 1की छात्रा थी और अपने स्कूल में दोस्तों के साथ खेल रही थी। घटना के दौरान, उसने सीने में दर्द की शिकायत की और कुछ ही देर में गिर पड़ी। बच्चों में हार्ट अटैक बेहद दुर्लभ घटना है, लेकिन यह कुछ खास कारणों से हो सकता है, जिसके कारण बच्चों को दिल का दौरा पड़ सकता है।
बच्चों में हार्ट अटैक के कारण
बच्चों में दिल का दौरा होने के कुछ कारण हो सकते हैं, जैसे:
जेनेटिक हार्ट डिजीज:कुछ बच्चों में दिल की संरचनात्मक असामान्यताएं या मार्फ़न सिंड्रोम जैसी समस्याएं होती हैं, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं।
छाती में चोट:यदि बच्चों को छाती में चोट लगती है, तो हृदय गति रुक सकती है।
विद्युत रोग:हृदय की विद्युत प्रणाली में असामान्यताएं, जैसे वोल्फ-पार्किंसन-व्हाइट सिंड्रोम, भी दिल का दौरा ला सकती हैं।
संक्रमण और ड्रग्स:मायोकार्डिटिस जैसे हृदय संक्रमण या ड्रग्स का अत्यधिक सेवन भी हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
इस वजह से बच्चों का दिल हो सकता है कमजोर?
कार्डियोलॉजिस्ट्स का कहना है कि आजकल बच्चों में शारीरिक गतिविधियों की कमी हो रही है और वे फास्ट फूड की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। इसके अलावा, पढ़ाई का अत्यधिक दबाव भी बच्चों की सेहत पर असर डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे खेलने की बजाय टीवी या फोन पर अधिक समय बिताते हैं, जिससे उनका दिल कमजोर हो सकता है।
बच्चों को हार्ट अटैक से बचाने के उपाय
फैमिली हिस्ट्री का ध्यान रखें:अगर परिवार में किसी को दिल की बीमारी है, तो बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान दें।
मोटापा कम करें:मोटापा दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है। संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधियों से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
पढ़ाई के दबाव से बचाएं: बच्चों को मानसिक तनाव से बचाना जरूरी है, क्योंकि यह उनकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
बच्चों के दिल को स्वस्थ रखने के उपाय
1-बच्चों को मानसिक तनाव से बचाएं।
2-उनका आहार संतुलित रखें और फास्ट फूड से बचाएं।
3-नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों और खेलों को बढ़ावा दें।
4-यदि बच्चा मोटा है, तो उसे व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें।
Leave a comment