
OMAR ABDULLAH ,J&K NEW CM: जम्मू कश्मीर में आज नई सरकार का गठन होने जा रहा है। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ ही सकीना इट्टू ने मंत्री पद की शपथ ली। जावेद राणा ने मंत्री पद की शपथ ली। जावेद राणा मेंढर से नेकां विधायक हैं। साथ ही बारामूला के राफियाबाद से नेकां विधायक जावेद डार ने मंत्री पद की शपथ ली है। वहीं, निर्दलीय के तौर पर विधायक बने सतीश शर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सतीश शर्मा छंब विधानसभा से विधायक चुने गए हैं।
आज कोई भी कांग्रेस विधायक शपथ नहीं लेगा
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, आज कोई भी कांग्रेस विधायक मंत्री पद की शपथ नहीं लेगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस को बाहर से समर्थन देने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कभी भी इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
अब्दुल्ला कैबिनेट के संभावित मंत्री
उमर अब्दुल्ला समेत 10 मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।, लेकिन आज कोई भी कांग्रेस विधायक मंत्रीपद की शपथ नहीं लेगा। हालांकि, नेशनल कॉन्फ्रेंस की तरफ से सकीना इटू, मीर सैफुल्ला, अब्दुल रहीम राथर, कश्मीर से अली मोहम्मद सागर/सलमान सागर, जावेद राणा, सुरिंदर चौधरी, सज्जाद शाहीन और सतीश शर्मा मंत्री बनाए जाने की उम्मीद है।
शपथग्रहण में इन नेताओं को दिया निमंत्रण
उमर अब्दुल्ला के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को निमंत्रण दिया गया है। इनके साथ सपा नेता अखिलेश यादव, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को भी निमंत्रण दिया गया है।
इनके अलावा शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, माकपा नेता प्रकाश करात और भाकपा नेता डी राजा सहित लगभग 50 नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
राज्य की सबसे बड़ी पार्टी
जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने 42 सीटें जीती थीं। इसके अलावा, पार्टी को कांग्रेस (6) और सीपीएम (1) के अलावा आम आदमी पार्टी के कई विधायकों ने भी समर्थन मिला है। इस तरह से 90 सीटों वाली विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार के पास 55 विधायकों का समर्थन है। .
राष्ट्रपति शासन को हटाया गया
वहीं, रविवार देर रात जम्मू-कश्मीर में 6 साल से लगे राष्ट्रपति शासन को हटा दिया गया था। गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के संबंध में 31 अक्टूबर 2019 को जारी आदेश तुरंत निरस्त हो जाएगा। इससे पहले जम्मू-कश्मीर में पिछले विधानसभा चुनाव 10 साल पहले 2014 में हुए थे। राष्ट्रपति शासन के हटते ही प्रदेश में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
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