अरशद मदनी ने साधा वक्फ कानून के मुद्दे पर केंद्र पर निशाना, कर दिया ये बड़ा ऐलान

Maulana Arshad Madani Waqf law: वक्फ कानून पर जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा, 'वक्फ कानून के जरिए केंद्र सरकार मुसलमानों के हकों को छीन रही है। वक्फ पूरी तरह से हमारे मजहब का मामला है और हम ही इससे पूरी तरह निपटेंगे।' अरशद मदनी ने वक्फ कमेटी में हिंदुओं को रखे जाने पर भी नाराजगी जताई है।
मुस्लिम नेताओं का दिया धन्यवाद
अरशद मदनी ने वक्फ कानून का विरोध कर रहे और उसके खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे मुस्लमि नेताओं का भी धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर मुसलमानों का साथ देने के लिए विपक्षी राजनीतिक दलों का भी आभार जताया है। अरशद मदनी ने कहा, 'वक्फ कानून के मुद्दे पर विपक्ष के जो भी नेता विरोध कर रहे हैं, वो मुस्लिमों को उनका हक दिलाए जाने की लड़ाई कर रहे हैं। आज नहीं तो कल हमें हमारा हक जरूर मिलेगा। केंद्र सरकार को वक्फ मंत्रालय भी किसी मुस्लिम के हाथ में ही सौंपना चाहिए था।'
सुप्रीम कोर्ट का किया रुख
प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने वक्फ कानून के विरोध में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस संबंध में वक्फ कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। इस याचिका में वक्फ कानून को मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता छीनने की एक खतरनाक साजिश बताया गया है।
अरशद मदनी ने कहा, 'वक्फ कानून संविधान द्वारा प्राप्त अधिकारों पर सीधा हमला है।' जानकारी दी गई कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की सभी राज्य इकाइयां भी अपने-अपने राज्यों के हाईकोर्ट में वक्फ कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देंगी। केरल के सुन्नी मुस्लिम विद्वानों के धार्मिक संगठन ‘समस्त केरल जमीयत-उल उलेमा की वकील जुल्फिकार अली पी एस ने भी वक्फ कानून के खिलाफ एक याचिका दायर की है।
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