
IRCTC New Rules: भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपनी ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली irctc.co.in और IRCTC मोबाइल ऐप में बड़े सुधार किए हैं। इस अपडेट का मकसद यात्रियों को तेज, आसान और सुरक्षित टिकट बुकिंग अनुभव देना है। IRCTC ने तकनीकी और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत किए हैं ताकि अनधिकृत पहुँच रोकी जा सके और ऑटोमेटेड बुकिंग सिस्टम को ब्लॉक किया जा सके। इसका लाभ यह होगा कि सभी यात्रियों को Tatkal और Advance Reservation Period (ARP) टिकटों में समान अवसर मिलेंगे।
पिछले साल IRCTC ने 3,03,00,000 संदिग्ध यूज़र आईडी हटा दीं, 12,819 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए और 4,86,00,000 यूज़र अकाउंट्स के लिए नए सत्यापन प्रक्रिया शुरू की। यह कदम नकली अकाउंट्स को रोकने के लिए उठाए गए, जो Tatkal और ARP टिकट बुकिंग प्रणाली को प्रभावित कर सकते थे।
यात्रियों के लिए क्या बदला?
-IRCTC ने अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप को सुलभ और यूज़र-फ्रेंडली बनाया है।
-नया इंटरफेस तेज़ और क्लीन अनुभव देता है।
-मेनू ऑप्शन अब आसानी से एक्सेस किए जा सकते हैं।
-फॉर्म फील्ड्स को इस तरह व्यवस्थित किया गया कि डेटा एंट्री बिना रुकावट पूरी हो सके।
-लॉगिन इंटरफेस से Captcha हटाया गया।
-ट्रेनों की लिस्ट अब उनके शेड्यूल अनुसार दिखाई देती है।
-'Show/Hide Filter' विकल्प से पर्सनलाइज्ड सर्च संभव है।
-Aadhaar सत्यापन अब अनिवार्य
-ARP टिकट बुकिंग के लिए केवल Aadhaar-सत्यापित यूज़र ही टिकट रिज़र्व कर सकते हैं।
-Tatkal टिकट भी केवल Aadhaar-सत्यापित यूज़र के लिए उपलब्ध है।
-नकली अकाउंट्स और एजेंट्स अब टिकट ब्लॉक नहीं कर पाएंगे, जिससे असली यात्रियों को सीट मिलने के मौके बढ़ गए हैं।
IRCTC ने Anti-BOT Technology और Content Delivery Network (CDN) को लागू किया है, जिससे सिस्टम तेज़ और सुरक्षित हो गया है। साथ ही, सभी संदिग्ध नेटवर्क ट्रैफिक पर निगरानी रखी जा रही है।
क्यों जरूरी है?
पहले नकली IDs और बोट्स के कारण असली यात्रियों को टिकट लेने में परेशानी होती थी। नए सुरक्षा और सत्यापन उपायों से अब टिकट की उपलब्धता बेहतर हुई है और यात्रियों को सुरक्षित बुकिंग का भरोसा मिला है।
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