दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु की कुल जमीन भी कम, वक्फ के पास 6 बड़े शहरों से तीन गुना ज्यादा इलाका

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु की कुल जमीन भी कम, वक्फ के पास 6 बड़े शहरों से तीन गुना ज्यादा इलाका

Waqf Amendment Bill 2025: देश में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ हो गई है।एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल 812लाख एकड़ ज़मीन में से लगभग 39लाख एकड़ ज़मीन वक्फ बोर्डों के अधीन है।यह आंकड़ा भारत के सुरक्षा बलों (17.99लाख एकड़) और रेलवे (12.11लाख एकड़) की कुल ज़मीन से भी ज्यादा है।यह जानकारी संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने दी।

क्या है वक्फ संपत्ति और कैसे बढ़ा इसका दायरा?

वक्फ संपत्ति वह होती है जो इस्लामी कानून के तहत धार्मिक या सामाजिक कार्यों के लिए दान की जाती है।इस तरह की संपत्ति को न तो बेचा जा सकता है और न ही स्थानांतरित किया जा सकता है।इसे 'अल्लाह के नाम पर सुरक्षित' माना जाता है।2013में वक्फ संपत्ति 18लाख एकड़ थी।2025में यह 39लाख एकड़ तक पहुंच गई।यानि 12साल में 21लाख एकड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

धारा40: कानूनी विवाद की जड़

विवाद का बड़ा कारण है कि वक्फ संपत्तियां कैसे घोषित की जाती हैं।1995के वक्फ अधिनियम की धारा 40के अनुसार, वक्फ ट्रिब्यूनल को अंतिम फैसला करने का अधिकार था।2025में लाया गया ‘उम्मीद विधेयक’ इस धारा को हटा देता है।अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इसी प्रावधान के ज़रिए संपत्तियों को मनमाने ढंग से वक्फ घोषित किया गया।

वक्फ भूमि का आकार शहरों से तीन गुना ज्यादा

रिपोर्ट बताती है कि वक्फ के पास जितनी ज़मीन है, वह देश के 13बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबईऔर बेंगलुरु के कुल क्षेत्रफल (13.78लाख एकड़) से करीब तीन गुना ज़्यादा है। यह आंकड़ा वक्फ संपत्तियों के विशाल आकार को दर्शाता है।

मुतवल्ली और वक्फ बोर्ड की भूमिका

वक्फ संपत्तियों की देखरेख का ज़िम्मा मुतवल्ली नाम के व्यक्ति पर होता है। वह संपत्ति के प्रबंधन और रिपोर्टिंग के लिए जिम्मेदार होता है। देश में 32राज्य वक्फ बोर्ड हैं। इन सभी पर केंद्रीय वक्फ परिषद निगरानी रखती है और नीति सुझाव देती है।

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