भारत में सबसे ज्यादा बच्चों की जान ले रही है ये बीमारी, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

भारत में सबसे ज्यादा बच्चों की जान ले रही है ये बीमारी, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

HEALTH TIPS:डायबिटीज का खतरा लगाता दुनिया भर में बड़ाता जा रहा है। वहीं एक ओर इसके बढ़ते खतरे को देखते हुए आज के दौर में इसे एक आम स्थिति के रूप में देखा जाने लगा है। डायबिटीज से आज के दौर में सभी उम्र के लोग प्रभावित देखे जा सकते हैं। लेकिन आज के समय में ज्यादा तर बच्चों में इसका निदान किया जा रहा है। पहले, बचपन का डायबिटीज आमतौर पर टाइप 1डायबिटीज होता था, लेकिन अब दुनिया भर में बच्चों में टाइप 2डायबिटीज का प्रचलन बढ़ रहा है।

रिपोर्टों के अनुसारवैश्विक स्तर पर 2019 में 227,580 बचपन में डायबिटीज के मामले सामने आए थे और 5,390 मौतें दर्ज की गईं थी। उसी वर्ष, खराब स्वास्थ्य के कारण 519,117 विकलांगता-समायोजित जीवन-वर्ष (DALY) खत्म हो गया। अध्ययन में कहा गया है कि 1990 में रिपोर्ट की गई संख्या की तुलना में मामलों में यह लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि है।

दुर्भाग्य से, भारत 2019 में बच्चों में डायबिटीज के मामलों, मौतों और DALYकी सबसे अधिक संख्या के लिए वैश्विक सूची में पहले स्थान पर रहा। घटना दर 1990 में 10.92 से बढ़कर 2019 में 11.68 हो गई है। मधुमेह के मामलों में अधिकतम वृद्धि 10 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों में दर्ज की गई थी। (52 प्रतिशत से अधिक)। 1 से 4 वर्ष की आयु के छोटे बच्चों में मधुमेह के मामले 30 प्रतिशत से कुछ अधिक बढ़ गए हैं।

बच्चों को डायबिटीज स बचाने के लिए करें ये उपाय

स्वस्थ आहार: बच्चों को स्वस्थ और बैलेंस्ड आहार प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें फल, सब्जियां, पूरे अनाज, दूध और दही जैसे पोषणपूर्ण आहार की संतुलित मात्रा मिलनी चाहिए। तत्परता से प्रोसेस्ड और मिठाई वाले आहार का सेवन करने से बचें।

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