
Sambhal Jama Masjid News: संभल की ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार विवाद का कारण है मस्जिद का बदला हुआ नाम। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इसे अब अपने दस्तावेजों में ‘जुमा मस्जिद’ के नाम से दर्ज किया है।
बता दें कि, ASI ने इस नाम को दर्शाने वाला एक नया बोर्ड भी तैयार किया है। ये बोर्ड फिलहाल सत्यवृत पुलिस चौकी में रखा गया है, जो मस्जिद के पास ही स्थित है।
बोर्ड पर लिखा है —
“भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
संरक्षित स्मारक, जुमा मस्जिद
संभल – 244302 (उ.प्र.)”
इस बोर्ड को मस्जिद परिसर में लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके कारण स्थानीय लोगों के बीच असंतोष और विवाद की आशंका बढ़ गई है।
पहले भी कोर्ट में उठा था नाम का मुद्दा
ये विवाद नया नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी इस मस्जिद के नाम को लेकर मामला उठ चुका है। हरिमंदिर पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने कोर्ट से ये मांग की थी कि शाही जामा मस्जिद को विवादित स्थल घोषित किया जाए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील एसएफए नकवी से मस्जिद का असली नाम पूछा। वकील ने इसे 'जामा मस्जिद' बताया और कहा कि वे संशोधन के लिए अर्जी देंगे। लेकिन अब तक कोई संशोधित अर्जी दाखिल नहीं की गई है।
ASI ने पहले ही ‘जुमा मस्जिद’ नाम स्वीकारा
ASI की ओर से वकील मनोज कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि विभाग के सभी दस्तावेजों में मस्जिद का नाम पहले से ही ‘जुमा मस्जिद’ है। इतना ही नहीं, साल 1927में सेक्रेटरी ऑफ स्टेट और मस्जिद के मुतवल्ली के बीच हुए एक करार में भी यही नाम दर्ज है।
हालांकि, कोर्ट में जो याचिका दाखिल की गई है, उसमें मस्जिद को 'जामी मस्जिद' कहा गया है। इस अंतर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
नाम को लेकर फिर शुरू हो सकता है विवाद
ASI के इस कदम के बाद मस्जिद का नाम एक बार फिर विवाद का कारण बन सकता है। ये मुद्दा अब अदालत और प्रशासन दोनों के लिए चुनौती बन सकता है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर मतभेद हैं, और भविष्य में इस पर और बहस बढ़ने की संभावना है।
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