
Jaipur 2008 Bomb Blast Case: जयपुर में साल 2008में हुए बम धमाकों के एक अहम मामले में कोर्ट ने चार लोगों को उम्रकैद की सजा दी है। यह फैसला जयपुर की विशेष अदालत ने शुक्रवार को सुनाया। दो दिन पहले ही कोर्ट ने इन चारों को दोषी ठहराया था।
यह मामला उस बम से जुड़ा है जो धमाकों के वक्त जिंदा मिला था। सुरक्षा बलों ने उसे समय रहते डिफ्यूज कर दिया था।
600पन्नों में कोर्ट का फैसला, सरकार ने पेश किए कई सबूत
कोर्ट ने इस मामले में 600पन्नों का फैसला सुनाया। सरकार की ओर से कुल 112गवाह, 1,192दस्तावेज, 102सामान (सबूत के तौर पर) और 125पन्नों की लिखित बहस कोर्ट में दी गई।
13मई 2008को जयपुर में हुए थे 8धमाके
13मई 2008को जयपुर के अलग-अलग इलाकों में 8बम धमाके हुए थे। ये धमाके माणक चौक खंदा, चांदपोल गेट, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया गेट, जौहरी बाजार और सांगानेरी गेट में हुए थे।नौवां बम चांदपोल बाजार के पास एक गेस्ट हाउस के पास मिला था। उसे धमाके से 15मिनट पहले ही डिफ्यूज कर दिया गया।इन धमाकों में 71लोगों की मौत हुई थी। 180से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
चारों दोषियों को अब उम्रकैद
इस केस में जिन चार लोगों को उम्रकैद की सजा दी गई है, उनके नाम हैं, सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान और शाहबाज। कोर्ट ने इन्हें दोषी माना और शुक्रवार को सजा सुनाई।
बता दें कि, दिसंबर 2019में निचली अदालत ने इन चारों को फांसी की सजा सुनाई थी। पांचवें आरोपी शाहबाज हुसैन को सबूत न मिलने की वजह से बरी कर दिया गया था।इसके बाद चारों दोषियों ने हाई कोर्ट में अपील की। 29मार्च 2023को राजस्थान हाई कोर्ट ने चारों को बरी कर दिया। शाहबाज हुसैन को बरी करने का फैसला भी बरकरार रखा गया।अब हाल ही में कोर्ट ने जिंदा बम वाले केस में चारों को दोबारा दोषी माना है और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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