Manipur Issue: मणिपुर मुद्दे पर लोकसभा में आधी रात तक बहस, गृह मंत्री के बयान के बाद राष्ट्रपति शासन को मंजूरी

Manipur Issue: मणिपुर मुद्दे पर लोकसभा में आधी रात तक बहस, गृह मंत्री के बयान के बाद राष्ट्रपति शासन को मंजूरी

Parliament Discussion On Manipur: भारत के संसदीय इतिहास में एक अनोखा क्षण देखने को मिला जब लोकसभा में देर रात तक कार्यवाही जारी रही। बुधवार रात वक्फ विधेयक पारित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन की कार्यवाही जारी रखने की अपील की। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तुत वैधानिक संकल्प पर चर्चा का प्रस्ताव रखा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस पर चर्चा की अनुमति दी। बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने की।

गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने का प्रस्ताव सदन में रखा। उन्होंने बताया कि 13फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस आदेश को मंजूरी दी थी। भारतीय संविधान के अनुसार, किसी भी राज्य में अधिकतम छह महीने तक राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। इसके लिए संसद की स्वीकृति आवश्यक होती है।

शशि थरूर ने सरकार की आलोचना की

चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मणिपुर में हिंसा की भयावह तस्वीरें राष्ट्रपति शासन लागू होने से पहले ही सामने आ चुकी थीं। उन्होंने बताया कि अब तक 70,000से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं और 250से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

थरूर ने कहा, "जिन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई थी, वे पूरी तरह विफल रहे।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि अब तक प्रधानमंत्री ने मणिपुर का दौरा नहीं किया।

विपक्ष के तीखे हमले, सरकार पर आरोप

समाजवादी पार्टी के सांसद लालजी वर्मा और तृणमूल कांग्रेस की सांसद सयानी घोष ने भी सरकार की कड़ी आलोचना की। सयानी घोष ने तंज कसते हुए कहा, "जिस जगह पहले के जख्मों के निशान हैं, फिर वहीं पर चोट मारी जा रही है।"डीएमके सांसद कनिमोझी ने आधी रात को इस संवेदनशील चर्चा को शुरू करने पर भी सरकार पर सवाल उठाए।

गृह मंत्री अमित शाह का जवाब

विपक्ष के आरोपों के जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाना आवश्यक था। उन्होंने बताया कि राहत शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और राज्य में हिंसा अब नियंत्रण में है।

इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अगली सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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