पहलगाम हमले के बाद एक्टिव हुई विक्टर फोर्स, जानिए आखिर क्या है इसकी ताकत?

पहलगाम हमले के बाद एक्टिव हुई विक्टर फोर्स, जानिए आखिर क्या है इसकी ताकत?

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम से एक बार फिर आतंकवाद की दुखद खबर सामने आई है। यहां आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। इस हमले में एक पर्यटक की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है।

हमले के तुरंत बाद भारतीय सेना की विक्टर फोर्स, स्पेशल फोर्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और सीआरपीएफ ने मिलकर इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सेना की टुकड़ियां पहलगाम के ऊपरी हिस्सों में आतंकियों की तलाश कर रही हैं। इस अभियान में सबसे आगे है भारतीय सेना की विक्टर फोर्स। इसे घाटी में आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए जाना जाता है।

क्या है विक्टर फोर्स और क्यों है खास?

भारतीय सेना की विक्टर फोर्स, राष्ट्रीय राइफल्स (RR) की एक अहम इकाई है। इसका गठन 1994में किया गया था। यह यूनिट खास तौर पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए बनाई गई थी। विक्टर फोर्स मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां जिलों में सक्रिय रहती है। ये जिले आतंकवाद के लिहाज़ से बहुत संवेदनशील माने जाते हैं।

विक्टर फोर्स ने कई बड़े ऑपरेशनों को सफलता से अंजाम दिया है। इनमें "ऑपरेशन ऑल आउट" प्रमुख है। इस अभियान में घाटी में कई कुख्यात आतंकियों को ढेर किया गया। यह फोर्स पत्थरबाजी और हिंसक भीड़ पर काबू पाने में भी अहम भूमिका निभाती है।

राष्ट्रीय राइफल्स की पांच शक्तिशाली शाखाएं

विक्टर फोर्स, राष्ट्रीय राइफल्स की पांच शाखाओं में से एक है। अन्य चार शाखाएं हैं, रोमियो फोर्स, डेल्टा फोर्स, किलो फोर्स और यूनिफॉर्म फोर्स। इन सभी यूनिट्स की स्थापना 1990 के दशक में आतंकवाद से लड़ने के उद्देश्य से की गई थी। विक्टर फोर्स को इन सबमें सबसे आक्रामक और असरदार माना जाता है।

सुरक्षा एजेंसियों का दावा: जल्द पकड़ेंगे हमलावर

सेना और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों की पहचान और लोकेशन की जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उन्हें घेरकर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच सुरक्षा बलों ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है।

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