मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, जगन रेड्डी की 800 करोड़ की संपत्ति जब्त

मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, जगन रेड्डी की 800 करोड़ की संपत्ति जब्त

ED Action Against Jagan Reddy: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक पुराने मनी लॉन्ड्रिंग केस में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी और डेलमिया सीमेंट्स (DCBL) की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

बता दें कि,ED ने जगन रेड्डी की 27.5करोड़ रुपये की शेयर हिस्सेदारी और DCBL की 377.2करोड़ रुपये की जमीन को अटैच किया है। हालांकि, DCBL का कहना है कि जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनकी कुल कीमत 793.3करोड़ रुपये है।

CBI के 2011के केस से जुड़ी है यह कार्रवाई

यह मामला 2011में CBI द्वारा दर्ज एक केस से जुड़ा है। आरोप है कि डेलमिया सीमेंट्स ने भरती सीमेंट नाम की कंपनी में पैसा लगाया था, जो जगन रेड्डी से जुड़ी हुई थी।

ED के अनुसार, जिन शेयरों को जब्त किया गया है, वे तीन कंपनियों में जगन रेड्डी की हिस्सेदारी से जुड़े हैं:

- कार्मेल एशिया होल्डिंग्स लिमिटेड

- सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड

- हर्षा फर्म

जांच में पता चला कि DCBL ने रघुराम सीमेंट्स नाम की एक कंपनी में 95करोड़ रुपये लगाए थे। उस समय इस कंपनी का प्रतिनिधित्व खुद जगन रेड्डी कर रहे थे।आरोप है कि इसके बदले जगन रेड्डी ने अपने पिता और उस समय के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के प्रभाव से DCBL को कडपा जिले में 407हेक्टेयर जमीन की खान (माइनिंग) लीज दिलवाई।

हवाला से हुए करोड़ों के नकद भुगतान का खुलासा

ED और CBI का कहना है कि इस पूरे मामले में जगन रेड्डी, पूर्व सांसद वी विजया साई रेड्डी और DCBL के डायरेक्टर पुनीत डेलमिया शामिल थे।इन लोगों ने मिलकर रघुराम सीमेंट्स के शेयर एक विदेशी कंपनी PARFICIM को 135करोड़ रुपये में बेचे।

आरोप है कि इस सौदे के तहत मई 2010से जून 2011के बीच हवाला के जरिए 55करोड़ रुपये नकद में जगन रेड्डी को दिए गए।इन पैसों का ज़िक्र दिल्ली के इनकम टैक्स विभाग द्वारा जब्त किए गए दस्तावेज़ों में भी मिला है।इस मामले में ED ने 31 मार्च को संपत्ति अटैच करने का आदेश दिया था, जिसे डेलमिया सीमेंट्स ने 15 अप्रैल 2025 को प्राप्त किया।

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