Murshidabad Violence: मुर्शिदाबाद हिंसा पर धीरेंद्र शास्त्री ने जताई चिंता, बोले - डरे हुए है हिंदू, वो दिन दूर नहीं जब...

Murshidabad Violence: मुर्शिदाबाद हिंसा पर धीरेंद्र शास्त्री ने जताई चिंता, बोले - डरे हुए है हिंदू, वो दिन दूर नहीं जब...

Murshidabad Violence: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। इसके बाद वहां से हिंदू समुदाय के लोगों के पलायन की खबरें सामने आई हैं। अब इस मामले पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने भी प्रतिक्रिया दी है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “मैंने सुना है कि मुर्शिदाबाद से हिंदुओं का पलायन हो रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से भी हिंदू पलायन करने को मजबूर होंगे। हिंदू डरे हुए हैं और यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। यह स्थिति देश और खासकर हिंदुओं के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने आगे कहा, “हिंदू समाज में एकता की कमी है, इसीलिए ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं। लेकिन मुझे भरोसा है कि जल्द ही यह सब बंद होगा और हालात सुधरेंगे।”

सुवेंदु अधिकारी का दावा – 400से ज्यादा हिंदू स्कूल में ले रहे शरण

वहीं, इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर दावा किया कि मुर्शिदाबाद के धुलियान इलाके से 400से ज्यादा हिंदू परिवारों को नदी पार करके मालदा जिले के बैष्णबनगर क्षेत्र में शरण लेनी पड़ी है।

उन्होंने बताया कि ये सभी लोग लालपुर हाई स्कूल में ठहरे हुए हैं। अधिकारी ने तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट किए।उन्होंने लिखा, “धार्मिक कट्टरपंथियों के डर से हमारे लोग अपनी ही जमीन छोड़कर भागने को मजबूर हैं। बंगाल में धार्मिक उत्पीड़न अब एक सच्चाई बन चुका है।”

सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी तुष्टिकरण नीति ने कट्टरपंथी ताकतों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है और सरकार को इसके लिए शर्म आनी चाहिए।

अधिकारी ने केंद्र सरकार, अर्धसैनिक बलों और राज्य प्रशासन से अपील की कि वे विस्थापित हिंदू परिवारों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दें। उन्होंने कहा, “बंगाल जल रहा है, सामाजिक ताना-बाना टूट चुका है। अब बहुत हो चुका है।”

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