
नई दिल्ली - उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को मीडिया से आग्रह किया है कि वे राष्ट्र-विरोधी आख्यानों और गलत सूचनाओं के खिलाफ स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाएं। उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि अल्पकालिक घटनाएं अक्सर प्रमुखता प्राप्त कर लेती हैं, जबकि अधिक महत्वपूर्ण मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
उपराष्ट्रपति ने इस संदर्भ में कुछ छेड़छाड़ वाली रिपोर्टिंग के उदाहरण दिए। उन्होंने बताया, "कल्पना कीजिए कि एक अखबार 'उपराष्ट्रपति की तरफ से फर्जी तस्वीरें पोस्ट करने' की खबर छापता है। जब मामला सामने आता है, तो वही अखबार माफी मांगता है। मुझे पता है कि मैं आक्रामक नहीं हो सकता, लेकिन यह स्थिति चिंताजनक है।" उनका मानना है कि मीडिया को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करते हुए देश और उसके संस्थानों का संरक्षण करना चाहिए।
‘मीडिया को किसी भी पक्षपात से बचना चाहिए’
धनखड़ ने यह भी कहा कि मीडिया नीति निर्माताओं और जनता के बीच एक पुल का कार्य करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया को किसी भी पक्षपात से बचना चाहिए, क्योंकि यह आम जनता और राष्ट्र के हित को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने कहा, "संपादकीय स्थान सभी के लिए महत्वपूर्ण होना चाहिए। मैं हैरान हूं कि संपादकीय क्यों गायब हो रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को संवेदनशील बनाना चाहिए।"
गलत सूचनाओं का मुकाबला करने का सुझाव
इस अवसर पर, उपराष्ट्रपति ने राष्ट्र-विरोधी और फर्जी आख्यानों का सामना करने के लिए मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के उपयोग का सुझाव दिया। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे इन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करें और समाज में जागरूकता बढ़ाने में मदद करें।
धनखड़ की यह अपील मीडिया जगत के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है, जिसमें उन्हें अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि जब मीडिया और अन्य संस्थान बेहतर तरीके से कार्य करते हैं, तब ही हमारा लोकतंत्र सशक्त हो सकता है।
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